Friday, July 30, 2021
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अमेरिका की फटकार के बाद इमरान खान ने लगाई पत्रकार डेनियल पर्ल के हत्यारों की रिहाई पर रोक

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा था कि अमेरिका डेनियल पर्ल की हत्या के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों को रिहा करने के सिंध हाईकोर्ट के आदेश से चिंतित है और वो इस मामले की निगरानी करता रहेगा।

अमेरिका की चेतावनी से डरकर पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने पत्रकार डेनियल पर्ल (Daniel Pearl) के हत्यारों की रिहाई पर रोक लगा दी है। अब पाकिस्तान ने ब्रिटेन में जन्मे अलकायदा आतंकवादी अहमद उमर सईद शेख (Ahmed Omar Saeed Sheikh) और उसके तीन सहयोगियों को रिहा नहीं करने का निर्णय किया है।

हाल ही में, सिंध हाईकोर्ट ने अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल के हत्यारे पाकिस्तानी आतंकी अहमद उमर शेख, फहाद नसीम, सईद सलमान साकिब और शेख मोहम्मद आदिल को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया था।

डेनियल पर्ल हत्याकांड की सुनवाई करते हुये सिंध हाईकोर्ट ने कहा था कि चारों आतंकवादियों को जेल में रखना गैरकानूनी है। जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे चिंताजनक करार दिया था।

पाकिस्तान के द्वारा इन आतंकियों की रिहाई के फैसले पर अमेरिकी विदेश विभाग ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका डेनियल पर्ल की हत्या के लिए जिम्मेदार कई आतंकवादियों को रिहा करने के सिंध हाईकोर्ट के 24 दिसंबर के आदेश की खबरों से चिंतित हैं।

अमेरिका ने कहा कि उन्हें आश्वासन दिया गया है कि अभियुक्तों को इस समय रिहा नहीं किया गया है। अमेरिका इस मामले में सभी घटनाक्रम की निगरानी करता रहेगा और साहसी पत्रकार के रूप में डेनियल पर्ल की विरासत का सम्मान करते हुए उनके परिवार का समर्थन करना जारी रखेगा।

अमेरिकी सरकार की सख्त प्रतिक्रिया के बाद पाकिस्तान सरकार ने सभी आरोपितों की रिहाई पर रोक लगा दी है। सरकार के फैसले के बाद सिंध हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने उनकी रिहाई पर रोक लगाने का आदेश दिया है, तो उन्हें रिहा नहीं किया जाना चाहिए। पाकिस्तानी मीडिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 28 सितंबर के आदेश के अनुसार सिंध प्रांत की सरकार उनको रिहा नहीं करेगी।

उल्लेखनीय है कि 38 साल के अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के दक्षिण एशिया ब्यूरो प्रमुख थे और जनवरी, 2002 में पाकिस्तान स्थित कराची में अलकायदा से जुड़े आतंकवादियों ने उनका अपहरण कर हत्या कर दी थी।

पर्ल का सर कलम कर दिया गया और लगभग एक महीने बाद कराची के यूएस दूतावास को इस क्रूरता का एक ग्राफिक वीडियो भी भेजा गया। डेनियल आईएसआई और आतंकी संगठन अलकायदा के बीच संबंधों को लेकर एक खोजी खबर के सिलसिले में पाकिस्तान गए थे।

इससे पहले, वर्ष 1994 में आतंकी अहमद उमर शेख, जो की पर्ल की हत्या में आरोपित है, ने कश्मीर में 4 विदेशी पर्यटकों का अपहरण कर लिया था। उमर शेख द्वारा अपहरण किए जाने के बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में उमर शेख को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद उमर शेख गाजियाबाद समेत देश की कई जेलों में रहा। लेकिन, वर्ष 1999 में एयर इंडिया के विमान के अपहरण के बाद जिन आतंकवादियों को छोड़ा गया, उनमें उमर शेख भी शामिल था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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