Thursday, September 23, 2021
Homeदेश-समाजभारत-रूस के संयुक्त अभ्यास ने पड़ोसी चीन और पाकिस्तान को किया परेशान, समुद्री सुरक्षा...

भारत-रूस के संयुक्त अभ्यास ने पड़ोसी चीन और पाकिस्तान को किया परेशान, समुद्री सुरक्षा पर UNSC में अध्यक्षता करेंगे पीएम मोदी

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सोमवार (9 अगस्त) को समुद्री सुरक्षा पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। भारत इस महीने UNSC का अध्यक्ष है।

भारत और रूस के रिश्तों में खटास आने की अटकलों पर तब से पूर्ण विराम लग गया है, जब से दोनों देशों की सेनाएँ इंद्र-2021 संयुक्त युद्धाभ्यास में अपना दमखम दिखा रही हैं। 1 अगस्त से शुरू हुए भारत और रूस के बीच 12वां संयुक्त सैन्याभ्यास इंद्र-2021 रूस के वोल्गोग्राद में 13 अगस्त तक जारी रहेगा। इस अभ्यास के तहत दोनों देशों के जवान अपनी कुशलता एक-दूसरे से साझा कर रहे हैं।

वहीं, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सोमवार (9 अगस्त) को समुद्री सुरक्षा पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। भारत इस महीने UNSC का अध्यक्ष है।

समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) के मुताबिक, समुद्री सुरक्षा पर 9 अगस्त को होने वाली यूएनएससी की बैठक में नाइजर के राष्ट्रपति, केन्या के राष्ट्रपति, वियतनाम के पीएम, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और कांगो के राष्ट्रपति के भी हिस्सा लेने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘समुद्री सुरक्षा का विस्तार: अंतरराष्ट्रीय सहयोग का मामला’ पर यूएनएससी की हाई लेवल मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (8 अगस्त) को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

सुरक्षा परिषद में यह बहस ऐसे समय में हो रही है, जब भारतीय नौसेना अगस्त की शुरुआत में दो महीने से अधिक समय के लिए दक्षिण चीन सागर, पश्चिमी प्रशांत और दक्षिण पूर्व एशिया जल क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों से युक्त एक नौसैनिक कार्य समूह तैनात कर रही है।

बता दें कि भारत और रूस दोनों ही लंबे समय से आतंकवाद से पीड़ित रहे हैं। रूस में एक तरफ जहाँ चेचेन्या के चेचन आतंकियों ने पिछले दशक तक जमकर कोहराम मचाया था, वहीं भारत अब भी पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का शिकार है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

इस्लामी कट्टरपंथ से डरा मेनस्ट्रीम मीडिया: जिस तस्वीर पर NDTV को पड़ी गाली, वह HT ने किस ‘दहशत’ में हटाई

इस्लामी कट्टरपंथ से डरा हुआ मेन स्ट्रीम मीडिया! ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि हिंदुस्तान टाइम्स ने ऐसा एक बार फिर खुद को साबित किया। जब कोरोना से सम्बंधित तमिलनाडु की एक खबर में वही तस्वीर लगाकर हटा बैठा।

गले पर V का निशान, चलता पंखा… महंत नरेंद्र गिरि के ‘सुसाइड’ पर कई सवाल, CBI जाँच को योगी सरकार तैयार

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की CBI जाँच कराने की सिफारिश की है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
123,886FollowersFollow
410,000SubscribersSubscribe