Saturday, November 28, 2020
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पाकिस्तान: PM इमरान खान ने अप्रैल में गेहूँ मँगवाया था, अब रो रहा है कि उसकी बात कोई सुनता ही नहीं!

प्रधानमंत्री इमरान खान ने इसे प्रशासनिक नाकामी बताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस संकट का अंदाजा था था और उन्होंने अप्रैल में गेहूँ के लिए आदेश भी दिए थे, लेकिन तब भी इसका पालन नहीं हुआ।

आटे के दाम उच्चतम स्तर पर पहुँचने के साथ ही पाकिस्तान के कई इलाकों में इन दिनों आटे की किल्लत चल रही है। इसी के चलते पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने समय से गेहूँ आपूर्ति न होने पर मंगलवार (अक्टूबर 20, 2020) को अधिकारियों को फटकार लगाई। संघीय कैबिनेट की बैठक में अध्यक्षता करते हुए इमरान खान ने स्थिति को देखते हुए अपना गुस्सा भी व्यक्त किया।

पाकिस्तानी समाचार पत्र ‘डॉन’ की खबर के अनुसार, इमरान खान ने गेहूँ के आयात पर बात करते हुए कहा कि अगर इस साल जुलाई में 1.5 टन गेहूँ आयात किया जाता तो स्थिति औसत होती। यहाँ स्पष्ट कर दें कि डॉन की खबर में हो सकता है कि आँकड़े लिखते हुए कोई गलती हुई हो क्योंकि एक देश के लिए खाद्य सामग्री के रूप में 1.5 टन बहुत कम है, मुमकिन है कि वह 1.5 करोड़ टन की ओर इशारा कर रहे हों।

डॉन ने अपनी रिपोर्ट में एक अज्ञात सूत्र का हवाले से कहा है कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने इसे प्रशासनिक नाकामी बताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस संकट का अंदाजा था था और उन्होंने अप्रैल में गेहूँ के लिए आदेश भी दिए थे, लेकिन तब भी इसका पालन नहीं हुआ। उन्होंने माना कि ब्यूरोक्रेसी ने राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) के डर से इस आदेश का पालन नहीं किया और यह भी माना कि अब इसकी सारी जिम्मेदारी सरकार पर आ गई है।

एक अन्य सूत्र ने बैठक की बात का खुलासा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री के सलाहकार ने भी इस बात की शिकायत की कि ब्यूरोक्रेशी ने NAB के डर से फाइलों को साइन नहीं किया।

सोमवार को हुए एक कार्यक्रम में इससे पहले प्रधानमंत्री इमरान ने कहा था कि इस साल अनुमान से परे बारिश हुई, खासकर गेहूँ की कटाई के मौसम में, जिससे फसल कम पैदा हुई और कीमत में वृद्धि हो गई।

बैठक में बताया गया कि पंजाब सरकार हर दिन 17,000 से 20,000 टन गेहूँ जारी कर रही है और माँग के अनुसार कमोडिटी के स्टोरों में भी आपूर्ति की जा रही है। यह भी बताया गया कि सिंध सरकार चालू माह में मिलों को 85,000 टन गेहूँ जारी कर रही है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की स्थिति को बयां करते कुछ वीडियो सामने आए थे। इस वीडियो से पता चला था कि पाकिस्तान के कई हिस्सों में आटा 75 रुपए प्रति किलोग्राम बिक रहा है। कई जगहों पर तो आटे की किल्लत के कारण कुछ ही दुकानों पर आटा उपलब्ध होने की वजह से दुकानों पर लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लगी हैं। 

इसी दौरान एक शख्स आटा नहीं मिलने के कारण इतना दुखी और निराश हो गया कि वह अपना सिर पीट-पीट कर रोने लगा। जब मीडिया उसे कवर करने पहुँची तो उसने मीडिया के कैमरे के सामने अपना रोना-गाना शुरू कर दिया और इमरान खान सरकार को कोसते हुए अपने दुखड़े सुनाने शुरू कर दिए।

दरअसल, वह व्यक्ति कई दिनों से आटे के लिए तरस रहा था लेकिन उसे कहीं आटा नहीं मिला अंत में वह बेचारा रोने लगा। उसने वायरल वीडियो में बताया कि उसने व उसके परिवार बच्चों ने 3 दिनों से खाना नहीं खाया है। उसने बताया कि अपने बच्चों के कारण 3 दिनों से दौड़ रहा है पर उसे कहीं आटा नहीं मिल रहा है। 

वीडियो में वह व्यक्ति रोते हुए कहता है, “मैं अपने बच्‍चों के लिए तीन दिनों से दौड़ रहा हूँ लेकिन आटा नहीं मिल रहा है। 15 रुपए में एक रोटी मिल रही है। हम गरीब लोग कहाँ जाएँ, कहाँ से खाएँ। आटे के लिए इतना पैसा कहाँ से दूँ, दवाइयाँ कहाँ से खरीदूँ। हम सूखी रोटी भी खाने को तैयार हैं लेकिन वह भी नहीं मिल रही है। 3 दिन से मारा मारा फिर रहा हूँ आटे के पीछे।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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