Wednesday, April 14, 2021
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय महिलाओं की ड्राइविंग के लिए आवाज उठाने वाली एक्टिविस्ट को आतंकवाद सम्बन्धी धाराओं में...

महिलाओं की ड्राइविंग के लिए आवाज उठाने वाली एक्टिविस्ट को आतंकवाद सम्बन्धी धाराओं में 6 साल की जेल

मानवाधिकार समूहों ने हाल ही में यह भी खुलासा किया था कि हथलौल सहित कुछ महिलाओं को महीनों तक एकांत कारावास में रखा गया और उन्हें बिजली के झटके दिए गए, उनके साथ मारपीट और यौन उत्पीड़न जैसे दुर्व्यवहार किए गए।

सऊदी अरब की एक अदालत ने महिला अधिकार कार्यकर्ता लुजैन अल-हथलौल (Loujain al-Hathloul) को सोमवार (दिसंबर 28, 2020) के दिन पाँच साल और आठ महीने की जेल की सजा सुनाई है। यह सजा ऐसे समय पर सुनाई गई है, जब तमाम अंतरराष्ट्रीय संगठनों और मानवाधिकार समूहों द्वारा उनकी रिहाई के लिए दबाव बनाया जा रहा था।

सऊदी मीडिया के अनुसार, अदालत ने मानवाधिकार कार्यकर्ता को ‘आतंकवाद विरोधी कानून द्वारा निषिद्ध विभिन्न गतिविधियों’ का दोषी ठहराया। हथलौल की दो साल और 10 महीने की सजा को निलंबित कर दिया गया है। हथलौल पर उस अदालत में मुकदमा चलाया जाए जो आतंकवादी मामलों को देखती है। सऊदी के अधिकारियों ने कहा कि हथलौल की गिरफ्तारी सऊदी के हितों को नुकसान पहुँचाने और विदेशों में शत्रुओं को समर्थन देने के संदेह में की गई थी।

वहीं, मानवाधिकार समूहों ने हाल ही में यह भी खुलासा किया था कि हथलौल सहित कुछ महिलाओं को महीनों तक एकांत कारावास में रखा गया और उन्हें बिजली के झटके दिए गए, उनके साथ मारपीट और यौन उत्पीड़न जैसे दुर्व्यवहार किए गए। हालाँकि, सऊदी अरब के अधिकारी इन तमाम आरोपों को फर्जी बता रहे हैं।

31 वर्षीय लुजैन अल-हथलौल को मई 2018 में सऊदी अरब द्वारा महिलाओं के ड्राइविंग करने पर लगाए गए दशकों पुराने प्रतिबंध को हटाने से कुछ हफ्ते पहले एक दर्जन अन्य महिला कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तार किया गया था। उनमें से ज्यादातर महिलाएँ ड्राइव करने के अधिकार के लिए अभियान चला रहीं थीं। उन पर आतंकवाद सम्बन्धी आरोप लगे हैं।

सऊदी अरब दुनिया में अकेला देश हुआ करता था, जहाँ महिलाओं के गाड़ी चलाने पर पाबंदी थी। इस देश में महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस नहीं दिए जाते। ऐसे में, गाड़ी चलाने वाली महिलाओं पर ज़ुर्माना लगता है और पुलिस उन्हें गिरफ़्तार कर लेती है।

सऊदी अरब की महिलाओं द्वारा इस रोक को हटाने के लिए कई अभियान चलाए गए। लुजैन अल-हथलौल को दिसंबर 01, 2014 में भी गाड़ी चलाकर देश की सीमा में घुसते वक्त गिरफ़्तार किया गया। आख़िरकार 73 दिनों की क़ैद के बाद लुजैन को रिहा कर दिया गया था।

सऊदी अरब में महिलाओं के ड्राइविंग के अधिकार के लिए पहली बार नवंबर, 1990 में 47 महिलाओं ने सार्वजनिक रूप से विरोध किया था। उन्होंने इस कानून के विरोध में रियाद प्रांत की सड़कों पर गाड़ी चलाई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार भी किया गया।

महिलाओं के आवाज उठाने के बाद वरिष्ठ इस्लामिक विद्वानों की परिषद ने फ़तवा तक जारी किया और महिलाओं के ड्राइविंग पर रोक लगा दी। इस फ़तवे में महिलाओं की ड्राइविंग करने को अशुभ और नकारात्मक परिणामों को आमंत्रण देने वाला बताया गया था। यहाँ तक कहा गया कि इस तरह महिलाओं की नजदीकी पुरुषों के साथ बढ़ेगी और वे विपरीत सेक्स के प्रति आकर्षित होंगी।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष सऊदी अरब में कैद लुजैन अल-हथलौल ने अपनी आजादी की पेशकश को अस्वीकार कर दिया था। उनके भाई ने बताया था कि हथलौल को एक वीडियो टेप में यह कहने की शर्त दी गई थी कि कैद के दौरान उन पर अत्याचार नहीं किया गया।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

7000 वाली मस्जिद में सिर्फ 50 लोग नमाज पढ़ेंगे… प्लीज अनुमति दीजिए: बॉम्बे HC का फैसला – ‘नहीं’

"हम किसी भी धर्म के लिए अपवाद नहीं बना सकते, खासकर इस 15-दिन की प्रतिबंध अवधि में। हम इस स्तर पर जोखिम नहीं उठा सकते।"

CBSE 10वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द, मनीष सिसोदिया ने कहा-12वीं के छात्र भी प्रमोट हों

कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए सरकार ने CBSE की 10वीं बोर्ड की परीक्षाओं को इस साल निरस्त कर दिया है, वहीं 12वीं की परीक्षा...

‘कल के कायर आज के मुस्लिम’: यति नरसिंहानंद को गाली देती भीड़ को हिन्दुओं ने ऐसे दिया जवाब

यमुनानगर में माइक लेकर भड़काऊ बयानबाजी करती भीड़ को पीछे हटना पड़ा। जानिए हिन्दू कार्यकर्ताओं ने कैसे किया प्रतिकार?

‘1 लाख का धर्मांतरण, 50000 गाँव, 25 साल के बराबर चर्च बने’: भारत में कोरोना से खूब फले ईसाई मिशनरी

ईसाई संस्था के CEO डेविड रीव्स का कहना है कि हर चर्च को 10 गाँवों में प्रार्थना आयोजित करने को कहा गया। जैसे-जैसे पाबंदियाँ हटीं, मिशनरी उन क्षेत्रों में सक्रिय होते चले गए।

14 सिम कार्ड, 1 व्हाट्सएप कॉल और मुंबई की बार डांसर… ATS ने कुछ यूँ सुलझाया मनसुख हिरेन की हत्या का मामला

एंटीलिया केस और मनसुख हिरेन मर्डर की गुत्थी सुलझने में एक बार डांसर की अहम भूमिका रही। उसकी वजह से ही सारे तार आपस में जुड़े।

मुंबई में हो क्या रहा है! बिना टेस्ट ₹300 में कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट, ₹10000 देकर क्वारंटाइन से मिल जाती है छुट्टी: रिपोर्ट

मिड डे ने मुंबई में कोरोना की आड़ में चल रहे एक और भ्रष्टाचार को उजागर किया है। बिना टेस्ट पैसे लेकर RT-PCR नेगेटिव रिपोर्ट मुहैया कराई जा रही है।

प्रचलित ख़बरें

‘हमें बार-बार जाना पड़ता है, वो वॉशरूम कब जाती हैं’: साक्षी जोशी का PK से सवाल- क्या है ममता बनर्जी का टॉयलेट शेड्यूल

क्लबहाउस पर बातचीत में ‘स्वतंत्र पत्रकार’ साक्षी जोशी ने ममता बनर्जी की शौचालय की दिनचर्या के बारे में उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से पूछताछ की।

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

जहाँ खालिस्तानी प्रोपेगेंडाबाज, वहीं मन की बात: क्लबहाउस पर पंजाब का ठेका तो कंफर्म नहीं कर रहे थे प्रशांत किशोर

क्लबहाउस पर प्रशांत किशोर का होना क्या किसी विस्तृत योजना का हिस्सा था? क्या वे पंजाब के अपने असायनमेंट को कंफर्म कर रहे थे?

भाई ने कर ली आत्महत्या, परिवार ने 10 दिनों तक छिपाई बात: IPL के ग्राउंड में चमका टेम्पो ड्राइवर का बेटा, सहवाग भी हुए...

IPL की नीलामी में चेतन सकारिया को अच्छी खबर तो मिली, लेकिन इससे तीन सप्ताह पहले ही उनके छोटे भाई ने आत्महत्या कर ली थी।

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के छबड़ा में हिंसा क्यों? कमल के साथ फरीद, आबिद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन क्या हुआ? बैंसला ने ऑपइंडिया को सब कुछ बताया।

रूस का S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और US नेवी का भारत में घुसना: ड्रैगन पर लगाम के लिए भारत को साधनी होगी दोधारी नीति

9 अप्रैल को भारत के EEZ में अमेरिका का सातवाँ बेड़ा घुस आया। देखने में जितना आसान है, इसका कूटनीतिक लक्ष्य उतनी ही कॉम्प्लेक्स!
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,197FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe