Tuesday, July 27, 2021
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयतेल संयंत्रों पर ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरब ने कहा- आतंकवाद से मुकाबले...

तेल संयंत्रों पर ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरब ने कहा- आतंकवाद से मुकाबले के लिए बढ़ाएगा भारत के साथ सहयोग

पिछले दो वर्षों में दोनों देशों ने प्रत्यर्पण संधि सहित सुरक्षा के क्षेत्र में कई समझौते किए हैं। सऊदी राजदूत ने कहा, “सऊदी अरब आतंकवाद, आतंक के वित्तपोषण और चरमपंथ के खिलाफ वैश्विक अभियान की अगुवाई कर रहा है। हम ISIS का मुकाबला करने के लिए 68 देशों के मजबूत वैश्विक गठजोड़ के संस्थापक सदस्य हैं।”

सउदी अरब ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत का सहयोग करने की बात कही है। सऊदी अरब ने ये बातें अपने तेल संयंत्रों पर ड्रोन और मिसाइल हमले के करीब दो सप्ताह बाद कही है। जानकारी के मुताबिक, अब सऊदी अरब आतंकी नेटवर्क तक धन को पहुँचने से रोकने के साथ ही खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान पर भी रोक लगाने में मदद करेगा।

सऊदी राजदूत डॉक्टर सऊद बिन मोहम्मद अल सती ने कहा, “सऊदी अरब और भारत आतंकवाद से लड़ने में घनिष्ठ रूप से एक दूसरे का सहयोग कर रहे हैं, जिसमें सूचनाओं और खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान शामिल है।” 

बता दें कि, पिछले दो वर्षों में दोनों देशों ने प्रत्यर्पण संधि सहित सुरक्षा के क्षेत्र में कई समझौते किए हैं। सऊदी राजदूत ने कहा, “सऊदी अरब आतंकवाद, आतंक के वित्तपोषण और चरमपंथ के खिलाफ वैश्विक अभियान की अगुवाई कर रहा है। हम आईएसआईएस का मुकाबला करने के लिए 68 देशों के मजबूत वैश्विक गठजोड़ के संस्थापक सदस्य हैं।”

उन्होंने कहा कि सऊदी अरब, भारत को एक घनिष्ठ दोस्त और ‘रणनीतिक साझेदार’ के रूप में महत्व देता है। दोनों देशों के बीच रक्षा तथा सुरक्षा सहयोग को और अधिक बढ़ाया जाएगा।

गौरतलब है कि, 14 सितंबर को सऊदी अरब स्थित दुनिया के सबसे बड़े तेल संयंत्र पर ड्रोन और मिसाइलों से सिलसिलेवार तरीके से हमले किया गया था। वैश्विक तेल बाजार पर भी इसका गंभीर असर पड़ा था। इस हमले की जिम्मेदारी यमन के हूती आतंकी समूह ने ली थी।

भारत ने सऊदी अरब में तेल संयंत्रों पर हुए हमलों की सोमवार (सितंबर 15, 2019) को निंदा की और हर तरह के आतंकवाद का विरोध करने के अपने संकल्प को दोहराया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, “हम सऊदी अरब के अबकैक तेल संयंत्र और खुरैस तेल क्षेत्र में 14 सितंबर 2019 को हुए हमलों की निंदा करते हैं।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘राजीव गाँधी थे PM, उत्तर-पूर्व में गिरी थी 41 लाशें’: मोदी सरकार पर तंज कसने के फेर में ‘इतिहासकार’ इरफ़ान हबीब भूले 1985

इतिहासकार व 'बुद्धिजीवी' इरफ़ान हबीब ने असम-मिजोरम विवाद के सहारे मोदी सरकार पर तंज कसा, जिसके बाद लोगों ने उन्हें सही इतिहास की याद दिलाई।

औरतों का चीरहरण, तोड़फोड़, किडनैपिंग, हत्या: बंगाल हिंसा पर NHRC की रिपोर्ट से निकली एक और भयावह कहानी

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने 14 जुलाई को बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा पर अपनी अंतिम रिपोर्ट कलकत्ता हाईकोर्ट को सौंपी थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,464FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe