Friday, January 27, 2023
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयUNSC में PAK की फिर फजीहत, कहा- द्विपक्षीय मुद्दा है कश्मीर, हमारा समय बर्बाद...

UNSC में PAK की फिर फजीहत, कहा- द्विपक्षीय मुद्दा है कश्मीर, हमारा समय बर्बाद ना करे पाकिस्तान

"पाकिस्‍तान का एक और प्रयास विफल रहा। संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की आज की बैठक बंद कमरे में हुई थी, अनौपचारिक थी, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं रखा गया और इसका कोई परिणाम नहीं निकला। लगभग सभी देशों ने माना कि जम्‍मू-कश्‍मीर एक द्विपक्षीय मसला है और सुरक्षा परिषद के समय और ध्‍यान का हकदार नहीं है।"

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने बुधवार (अगस्त 05, 2020) को पाकिस्तान के कश्मीर प्रलाप के एक और प्रयास को खारिज कर दिया। और, यह स्पष्ट कर दिया कि यह विषय भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय रूप से ही हल किया जाना चाहिए है। UNSC के 5 स्थाई सदस्यों में से चार – अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और रूस – भारत का पक्ष मजबूती से रखते आ रहे हैं।

UN में भारत के स्थाई प्रतिनिधि राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने एक ट्वीट में कहा- “पाकिस्‍तान का एक और प्रयास विफल रहा। संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की आज की बैठक बंद कमरे में हुई थी, अनौपचारिक थी, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं रखा गया और इसका कोई परिणाम नहीं निकला। लगभग सभी देशों ने माना कि जम्‍मू-कश्‍मीर एक द्विपक्षीय मसला है और सुरक्षा परिषद के समय और ध्‍यान का हकदार नहीं है।”

टीएस त्रिमूर्ति ने कहा कि पाकिस्तान ने जो दावा किया है, उसके विपरीत उसने जम्मू कश्मीर को संयुक्त राष्ट्र का एजेंडा बनाने और मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने का प्रयास किया। 

पाकिस्तान के कश्मीर राग को इस बार करारा तमाचा लगा है क्योंकि पाकिस्‍तान के लिए शर्मिंदगी की बात यह रही कि अमेरिका ने बेनतीजा बैठक पर जोर दिया, जिस पर चीन ने भी अपनी सहमति जता दी।

राजदूत त्रिमूर्ति ने कहा कि नवंबर, 1965 से भारत-पाकिस्तान मुद्दे पर सुरक्षा परिषद की कोई औपचारिक बैठक नहीं हुई है। UNSC ने अगस्त, 2019 में पहली बार और बाद में जनवरी 2020 में कश्मीर पर दो बार अनौपचारिक बैठकें की हैं।

अगस्त 2019 की बैठक भारत में जम्मू और कश्मीर के विशेष दर्जे को रद्द करने के बाद दशकों में पहली बार हुई थी। बैठक में चीन ने जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्गठित करने के कदम की कड़ी आलोचना की थी। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्पष्ट रूप से बताया कि संविधान के अनुच्छेद 370 को समाप्त करना उसका आंतरिक मामला था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सुरक्षा में सेंधमारी का दावा कर राहुल गाँधी ने यात्रा रोकी, J&K पुलिस ने बताया- पूरी थी तैयारी, 1 किमी चलकर बिना बताए बंद...

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा है कि यात्रा रोकने से पहले पुलिस से बातचीत नहीं की गई। राहुल गाँधी की सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक नहीं हुई।

कोरोना वायरस को और खतरनाक बना रही Pfizer, ताकि बेच सके ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन: स्टिंग से खुलासा, संक्रमण को दुधारू गाय मान रही...

फाइजर के निदेशक जॉर्डन वॉकर ने कहा कि जो सरकारी कर्मचारी आज दवाओं की जाँच और समीक्षा कर रहे हैं, वे कल कंपनी ज्वॉइन कर लेंगे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
242,689FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe