Sunday, August 1, 2021
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साथी कैदियों को ‘कट्टर’ बनाया, खुद को ‘कट्टरता मुक्त’ दिखा बाहर निकला: उस्मान खान ने 2 को गोद डाला था

8 साल जेल में बिताने के बाद दिसंबर 2018 में लाइसेंस (पैरोल) पर वह रिहा हुआ था। इसके करीब एक साल बाद लंदन ब्रिज के करीब 'फिशमोंगर्स हॉल' में किए गए हमले में उसने दो लोगों को चाकू से गोद डाला था।

ब्रिटेन के मशहूर लंदन ब्रिज के पास 29 नवंबर 2019 को हुई आतंकी घटना में 2 लोगों की मौत हो गई थी। आतंकी उस्मान खान को भी मौके पर ही गोली मारकर ढेर कर दिया गया था। अब उस्मान खान को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है।

इसके मुताबिक वह जेल अधिकारियों को मूर्ख बनाकर बाहर निकलने में कामयाब हुआ था। असल में उसने अधिकारियों को विश्वास दिला दिया था कि वो Deradicalise (कट्टरता मुक्त) हो गया है। लेकिन वास्तविकता ये थी कि उसने जेल के अन्य कैदियों को भी कट्टर बना दिया था।

8 साल जेल में बिताने के बाद दिसंबर 2018 में लाइसेंस (पैरोल) पर वह रिहा हुआ था। इसके करीब एक साल बाद लंदन ब्रिज के करीब ‘फिशमोंगर्स हॉल’ में किए गए हमले में उसने दो लोगों को चाकू से गोद डाला था।

उस्मान खान ने जैक मेरिट (25) और सस्किया जॉन्स (23) की चाकू से गोद कर हत्या की थी। ये दोनों ही कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से जुड़े थे और जेल में बंद कैदियों के पुनर्वास व सुधार पर कार्य कर रहे थे। उस्मान खान ने हमले के समय नकली आत्मघाती बनियान पहन रखा था। हमले के लगभग 13 मिनट बाद लंदन ब्रिज पर उसे मार गिराया गया।

हमले के कुछ दिन पहले उसने एक मोटा और बड़ा सा जैकेट खरीदा था। ऐसे उसने नकली आत्मघाती बनियान को ढकने के लिए किया था। व्हाइटमूर जेल में आतंकरोधी अभियान के मुखिया स्टीव मचिन भी उस कॉन्फ्रेंस में बतौर अतिथि आए थे जिसमें यह हमला हुआ था। स्टीव ने बताया कि उन्होंने उस्मान से पूछा भी था कि उसने इतने बड़े कपड़े क्यों पहने हैं। जवाब में उसने ठंड होने की बात कही थी।

जेल से छोड़े जाने के बाद पहले उसे एक प्रोबेशन हॉस्टल में रखा गया था। उसके बाद उसने खुद के घर का इंतजाम कर लिया था। उस कॉन्फ्रेंस में उसके आसपास में कई लोग बैठे हुए थे। इनमें जेल के अधिकारियों से लेकर कई अन्य अतिथि थे जो कैदियों के पुनर्वास के प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहे थे। एक पुलिस अधिकारी ने उस्मान खान से उसके परिवार के बारे में पूछा था तो उसने खूब बातें भी की और एक कहानी सुनाई। उस्मान खान ने बताया कि कैसे उसकी बहन अपने बच्चों को लेकर जब स्कूल गई थी और उसे बच्चों की माँ के बदले लोगों ने बहन ही समझ लिया।

उस्मान खान को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर फरवरी 2012 में आठ साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। वह लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर बमबारी करने की योजना बना रहा था। वह पाकिस्तान मूल का था और पाकिस्तान के नियंत्रण वाले कश्मीर में एक आतंकवादी कैंप स्थापित करना चाहता था

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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