Thursday, September 23, 2021
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‘बैंकों के ₹6200 करोड़, सीज ₹14 हजार करोड़ की संपत्ति’: भगोड़ा विजय माल्या ‘दिवालिया’ हो ट्विटर पर रोया

विजय माल्या के इस ट्वीट से पहले उसे लंदन हाईकोर्ट ने सोमवार (26 जुलाई 2021) को दिवालिया घोषित किया था। लंदन हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद भारतीय बैंक माल्या की संपत्तियों पर आसानी से कब्जा कर सकेंगे।

लंदन हाईकोर्ट से सोमवार (जुलाई 26, 2021) को दिवालिया घोषित होने के बाद अब भगोड़े विजय माल्या ने ट्वीट कर अपना गुस्सा जाहिर किया है। अपने ट्वीट में उसने बैंकों पर गंभीर इल्जाम लगाते हुए कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ने सरकारी बैंकों के कहने पर ₹6200 करोड़ के लोन के बदले उसकी ₹14 हजार करोड़ की संपत्ति कुर्क कर ली है और अब पैसे वापिस न करने पड़ें, इसके लिए उनको दिवालिया घोषित करवा दिया है।

मंगलवार (जुलाई 27, 2021) को किए गए ट्वीट में विजय माल्या ने कहा, “एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने बैंकों की तरफ से मेरी 14,000 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क कर ली है, जबकि कर्ज 6,200 करोड़ रुपए का ही था। ईडी ने 9 हजार करोड़ रुपए की नकद राश‍ि और 5 हजार करोड़ रुपए की प्रतिभूतियाँ बैंकों को सौंप दी है। बैंकों ने इसीलिए कोर्ट से मुझे दिवालिया घोष‍ित करने को कहा, क्योंकि उन्हें ईडी को बाकी पैसे वापस करने पड़ते।”

उल्लेखनीय है कि सरकारी बैंकों को हजारों करोड़ का चूना लगाने वाले भगोड़े विजय माल्या को लंदन हाईकोर्ट ने सोमवार (26 जुलाई 2021) को दिवालिया घोषित किया था। लंदन हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद भारतीय बैंक माल्या की संपत्तियों पर आसानी से कब्जा कर सकेंगे। माल्या के खिलाफ भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नेतृत्व में भारतीय बैंकों के एक संघ ने ब्रिटिश कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस याचिका में किंगफिशर एयरलाइंस को दिए गए ऋण की वसूली के लिए माल्या को दिवालिया घोषित करने की माँग की गई थी।

लंदन हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए माल्या के पास अभी एक मौका बाकी है। बताया जा रहा है कि माल्या का वकील जल्द ही इस फैसले को चुनौती देने के लिए याचिका दाखिल कर सकता है। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने शनिवार (24 जुलाई) को कहा था कि माल्या के खिलाफ भारत ने एक मजबूत मामला बनाया है और ब्रिटेन के अधिकारियों ने उसके प्रत्यर्पण के संबंध में सर्वोत्तम आश्वासन दिया है।

बता दें कि विजय माल्या भारत प्रत्यर्पण को लेकर सभी कोर्ट बैटल मई 2020 में ही हार चुका है। एक साल से ज्यादा का वक्त गुजर चुका है, लेकिन वे अभी तक भारत नहीं लौटा है। लंदन कोर्ट द्वारा दिवालिया घोषित किए जाने के बाद अब उसे अपनी सारी संपत्ति, क्रेडिट कार्ड्स, बैंक अकाउंट बैंक्रप्सी ट्रस्टी को सौंपना होगा। यह ट्रस्टी अब फैसला करेगा कि उसके पास कितना असेट है और उसकी लाएबिलिटी यानी देनदारी कितनी है।

इसके अलावा यह बात भी मालूम हो कि विजय माल्या के सारे अकॉउंट्स फ्रीज किए जा चुके हैं। वो अब न ही किसी कंपनी का डायरेक्टर बन सकता है और न ही कंपनी का गठन कर सकता है। उसे इन सब कामों के लिए कोर्ट की परमिशन की जरूरत होगी। अगर वह 50 हजार का भी लोन लेना चाहता है तो इसके लिए उसे बताना होगा कि वह दिवालिया घोषित हो चुका है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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