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ग्रामीणों ने बांग्लादेश के 3 सैनिकों को हिरासत में लिया, भारतीय नागरिक के अपहरण की थी कोशिश

ग्रामीणों ने कहा कि पैराट्रूपर्स ने अबू खैहर का अपहरण करने की कोशिश की थी, जिनकी माँ का गुरुवार को भोर से पहले निधन हो गया था।

गुरुवार (10 अक्टूबर) को त्रिपुरा में सिपाहीजला ज़िले के एक इलाक़े में तनाव फैल गया जिसके बाद बांग्लादेश के सुरक्षा बल के सदस्यों ने कथित तौर पर एक भारतीय नागरिक का अपहरण करने की कोशिश की। ग्रामीणों ने बांग्लादेश की अर्धसैनिक बल रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) के तीन लोगों को हिरासत में ले लिया और उनके साथ मारपीट की। यह हादसा सुबह 9 बजे कलामचरा के बॉर्डर पिलर नंबर-2059 के पास हुआ।

ख़बर के अनुसार, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और पुलिस टीमों ने मौक़े पर पहुँचकर पैराट्रूपर्स को बचाया और उन्हें बीएसएफ की आशबाड़ी सीमा चौकी पर ले गए।

ग्रामीणों ने कहा कि पैराट्रूपर्स ने अबू खैहर का अपहरण करने की कोशिश की थी, जिनकी माँ का गुरुवार को भोर से पहले निधन हो गया था। बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (BGB) और बीएसएफ ने कलमाचरा में दोपहर में एक फ्लैग मीटिंग भी की।

वहीं, ढाका ट्रिब्यून की ख़बर में इस बात की पुष्टि की गई कि ग़लती से सीमा पार करने के बाद बांग्लादेशियों को हिरासत में लिया गया था। भारत की सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) के तीन सदस्यों और ब्राह्मणपारा अपज़िला, कोमिला के अंतर्गत आसबारी सीमा की दो महिला मुख़बिरों को हिरासत में लिया।

हालाँकि, बीएसएफ ने बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के साथ की गई एक फ्लैग मीटिंग के बाद, एक ही सीमा बिंदु के माध्यम से 5 बजे के आसपास सभी पाँचों को सौंप दिया। इसकी पुष्टि, BGB की संगुकुएल BOP के कंपनी कमांडर सूबेदार नुरुल इस्लाम ने की। उन्होंने कहा, “जब उन्हें हमें सौंपा गया तो वे बीमार दिखाई दे रहे थे।”

RAB अधिकारियों की पहचान कॉन्स्टेबल्स रिगन बरुआ, अब्दुल मतीन और सैनिक वाहिदुल इस्लाम के रूप में हुई। सभी RAB, 11 की दूसरी अपराध रोकथाम कंपनी (सीपीसी 2) से जुड़े हैं।

महिला मुखबिरों में से एक की पहचान लिजा के रूप में की गई, जबकि दूसरी महिला के बारे में कहा गया कि वो उसी की ऑन्टी थी, लेकिन जब उसकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई तो उसकी पहचान अनुपलब्ध थी।


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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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