Homeराजनीतिकर्नाटक: बेंगलुरु से मुंबई तक शह-मात का खेल जारी, सुप्रीम कोर्ट पहुँचे बागी MLA

कर्नाटक: बेंगलुरु से मुंबई तक शह-मात का खेल जारी, सुप्रीम कोर्ट पहुँचे बागी MLA

बागी विधायकों का कहना है कि उनके स्वैच्छिक इस्तीफ़े के बाद भी विधानसभा स्पीकर केआर कृष्ण कुमार तत्काल निर्णय नहीं ले रहे और मामले को लटका रहे हैं। कॉन्ग्रेस ने राज्यपाल की भूमिका पर उठाए सवाल।

कर्नाटक में चल रहे हाई-वोल्टेज सियासी नाटक में नए-नए मोड़ सामने आ रहे हैं। एक तरफ़ कॉन्ग्रेस-जद (एस) गठबंधन में पड़ी फूट बढ़ने के संकेत आ रहे हैं तो दूसरी ओर राज्यसभा के नेता विपक्ष और कॉन्ग्रेस के गुलाम नबी आज़ाद ने जेडीएस नेता और मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के पिता एचडी देवेगौड़ा को गले भी लगाया। देवेगौड़ा देश के 11वें प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं।

आज़ाद, डीके शिवकुमार हिरासत में

प्रदेश की राजधानी बेंगलुरु में राजभवन के निकट प्रदर्शन करने के दौरान आज़ाद सहित कई कॉन्ग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने राज्यपाल वजुभाई वाला की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्हें केंद्र में सत्तासीन भाजपा के इशारे पर काम करने वाला बताया। आज़ाद कॉन्ग्रेस नेताओं की बैठक में भी शामिल हुए।

वहीं, बागी विधायकों से मिलने मुंबई पहुँचे कर्नाटक के मंत्री डीके शिवकुमार को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वह बागी विधायकों के ‘कैम्प’ में तब्दील होटल रेनेसां के बाहर से न हटने पर अड़ गए थे।

येदियुरप्पा ने माँगा इस्तीफा, राज्यसभा में कॉन्ग्रेस का हंगामा

पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के इस्तीफे की माँग की है। उनके मुताबिक संख्या बल अब भाजपा के पास है और कुमारस्वामी को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।येदियुरप्पा ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से विधानसभा अध्यक्ष को उचित कार्रवाई का निर्देश देने का आग्रह किया है।

इस बीच, इस मुद्दे पर राज्य सभा में कॉन्ग्रेस ने जमकर हंगामा किया। इसके कारण सदन को दोपहर तीन बजे के लिए स्थगित करना पड़ा था।

बागी सुप्रीम कोर्ट में, जेडीएस विधायक कर रहे योग

जहाँ एक ओर बागी विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, वहीं बेंगलुरु के प्रेस्टीज गोल्फशायर क्लब में रुके जेडीएस विधायक योग कर रहे हैं।

बागी विधायकों की शिकायत है कि उनके स्वैच्छिक इस्तीफ़े के बाद भी विधानसभा स्पीकर केआर कृष्ण कुमार तत्काल निर्णय नहीं ले रहे और मामले को लटका रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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