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तिहाड़ में उमर खालिद का ‘ट्रेनर’ बना पहलवान सुशील कुमार, कैदी पूछते हैं- तुमने दंगे करवाए

उमर खालिद के लिए दुनिया भर की संवेदनाएँ बटोरने के लिए मिड-डे में एक लेख छपा है। इसमें बताया गया है कि कैसे खालिद को उनका पसंदीदा मीट नहीं मिल पा रहा। कैसे वहाँ हत्या आरोपित पहलवान सुशील कुमार ट्रेनिंग दे रहे हैं।

दिल्ली दंगों की साजिश रचने के आरोपित उमर खालिद के जेल से न छूटने का गम अब उनके चाहने वालों में बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में उनके लिए संवेदनाएँ बटोरने के लिए हाल में एजाज अशरफ नाम के वरिष्ठ पत्रकार ने उमर खालिद और उनकी प्रेमिका बनोज्योत्सना के दर्द को बयां करते हुए मिड-डे में आर्टिकल लिखा और बताया कि कैसे ज्यादातर लोग उमर पर लगे इल्जामों को फर्जी मानते हैं, लेकिन फिर भी इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा। पुलिस ने उस पर साजिश रचने का आरोप लगाकर जेल में डाला और अभी तक उसे बेल नहीं मिली है। इस आर्टिकल में खालिद से जुड़ी दिलचस्प जानकारियाँ दी गई जिनमें एक ये भी है कि उमर खालिद तिहाड़ में ओलंपिक विजेता व हत्या के आरोपित सुशील कुमार के सुपरविजन में जिम कर रहा है।

मटन-चिकन देख दुखी होती हैं उमर खालिद की प्रेमिका

इस लेख की शुरुआत उसकी प्रेमिका बनोज्योत्सना के हाल क्या हैं उससे हुई है। एजाज अशरफ ने कल्पना की हुई है कि न जाने कि उमर की रिहाई के सवाल से कैसे उसकी प्रेमिका जूझती होगी। उन्होंने लिखा है कि बनोज्योत्सना कहती है कि अगर वो मजबूत न हो तो जी ही नहीं पाएगी। उसे मटन, चिकन खाते हुए उमर की याद आती है। दुख होता है कि उमर को तो सिर्फ शाकाहारी खाना ही दिया जाता होगा। वो कैसे अपना पसंदीदा मीट खाता होगा। जैसे जब वो जेल से बाहर था तब पिज्जा वगैरह खाता था। लेख में लिखा है कि उमर को कहीं न कहीं मालूम था कि वो धरा जाएगा इसलिए उसने अपनी जेल जाने से पहले आखिर बार व्हाइट सॉस चिकन पास्ता ऑर्डर किया था।

लेख में आगे बनोज्योतसना और उमर की मुलाकात सितंबर 2020 से कैसे तिहाड़ में होती है, कितनी देर के लिए होती है, कैसे खालिद तमिल सीख रहा है…ये सारी बात लिखी हैं। उसके बुद्धिजीवी होने पर प्रश्न न लगे इसलिए बताया गया है कि वो अब तक 102 किताबें तिहाड़ में पढ़ चुका हैं। बनोज्योतसना उसे हर हफ्ते किताबे देती है। उमर के कलेक्शन में बहुत वामपंथी लेखक हैं। इसमें एक किताब Ngũgĩ wa Thiong’ की भी है जिसने जेल की सजा काटते हुए टॉयलेट पेपर पर नॉवेल लिखी थी।

आर्टिकल से लिया गया स्क्रीनशॉट

सुशील कुमार से मिल रही ट्रेनिंग

लेख में इस बात की ओर इशारा है कि शायद उमर भी अपनी जेल की एक डायरी लिखें जिसका शीर्षक वे उम्मीद करते हैं कि- ‘हिंदुत्व के समय में प्रेम (लव इन द टाइम ऑफ हिंदुत्व)’ हो। बनोज्योतसना और खालिद की प्रेम कहानी से एजाज जब लेख में उभरते हैं तो उमर खालिद की दोस्ती पर भी लिखते हैं। वह बताते हैं कि कैसे खालिद ने जेल में उन लोगों से भी दोस्ती कर ली है जिनसे वो जेल जाने से पहले मिला तक नहीं था। उदाहरण-ओलंपिक विजेता सुशील कुमार का दिया गया है।

आर्टिकल से लिया गया स्क्रीनशॉट

कुछ समय पहले जूनियर पहलवान की हत्या के आरोप में सुशील को तिहाड़ में बंद किया गया था। अब वही वो शख्स हैं जो उमर के जिम वर्कआउट का ध्यान रखते हैं। दोनों में किताबों का लेन-देन चलता हैं। इसके अलावा उमर जेल में कैदियों के बीच गरीबों के आवेदन लिखता है। पर उसका मन तब टूट जाता है जब लोग पूछते हैं कि उमर-क्या तुमने दंगों की साजिश रची। इसके अलावा उमर को ये सोचकर कि कर्नाटक में मुस्लिम महिलाओं के साथ कितना अन्याय हुआ, कोर्ट के हिजाब फैसले पर भी काफी दुख होता है।

उमर खालिद क्यों है तिहाड़ में?

बता दें कि साल 2020 में दिल्ली में दंगे हुए थे उन्हीं दंगों की साजिश रचने का इल्जाम उमर खालिद पर है। लंबे समय से उसकी रिहाई की कोशिश चल रही है। मगर, अभी तक कोई प्रयास सफल नहीं हुआ। अदालती सुनवाई में कहा गया कि दंगों की साजिश से लेकर दंगों तक उमर खालिद का नाम बार-बार आया है। वह JNU के मुस्लिम छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप का सदस्य था। उसने विभिन्न बैठकों में भाग लिया। उमर ने हिंसा के लोगों को भड़काया था। इतना ही नहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प जब दिल्ली आए थे, तब उमर ने लोगों को सड़कों पर आने के लिए कहा था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब करने के लिए ऐसा किया गया। दंगों के बाद हुईं कॉल्स में उसका भी उल्लेख किया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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