Sunday, October 17, 2021
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5 अफगानी, फर्राटेदार हिंदी और ₹1 करोड़ का लेनदेन: बिहार का सीमांचल बनाया जा रहा आतंकियों का गढ़

ये सभी बांग्लादेश आते-जाते थे। फर्राटेदार हिंदी के कारण लोगों के शक से ये बचे हुए थे। वो 15 सालों से यहाँ रह रहे थे। सीमांचल में आतंकियों का स्लीपर सेल्स तैयार करने, उन्हें संचालित करने और उनकी फंडिंग से लेकर...

बिहार के सीमांचल में आतंकी संगठनों ने अपनी नजरें गड़ानी शुरू कर दी हैं। आतंकियों ने यहाँ स्लीपर सेल्स का नेटवर्क बिछाने का अभियान चला रखा है। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी, नेपाल, बांग्लादेश में बैठ कर आतंकी संगठनों के लोग पूर्णिया, अररिया, कटिहार, किशनगंज और मिथिलांचल के मधुबनी, समस्तीपुर और दरभंगा में अपना नेटवर्क तैयार कर रहे हैं। दो दिन पहले कटिहार से धराए अफगानी आतंकियों ने पूछताछ में ऐसे कई खुलासे किए हैं।

‘लाइव हिंदुस्तान’ की खबर के अनुसार, सीमांचल में आतंकियों का स्लीपर सेल्स तैयार करने, उन्हें संचालित करने और उनकी फंडिंग के सारे कार्यों को नेपाल के विराट नगर से ऑपरेट किया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की लखनऊ विंग की टीम ने बिहार के सीमांचल क्षेत्र में तहकीकात शुरू कर दी है। पॉंचों अफगानी नागरिकों को कटिहार कारा में पाँच अलग-अलग सेल्स में रखा गया है। उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा।

कटिहार एसपी विकास कुमार ने सुरक्षा एजेंसी और खुफिया विभाग को इन अफगानियों से पूछताछ से हुए खुलासों की रिपोर्ट सौंप दी है। इससे पहले भी कटिहार जिला के कदवा और बारसोई से पूर्णिया जिला के जलालगढ़ से आतंकियों की गिरफ़्तारी हो चुकी है। अब इस क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाते हुए पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। केंद्रीय कारा उपाधीक्षक मृत्युंजय कुमार ने बताया कि पाँचों अफगानी एक सेल में रहने की जिद ठाने हुए थे, लेकिन उन्हें उच्च-सुरक्षा में अलग-अलग रखा गया है।

जल मोहम्मद उर्फ समुत खान को कटिहार में इन सबका आका बताया जा रहा है, जो बीए पास है। ये सभी बांग्लादेश आते-जाते थे और लोगों के संदेह से बचने के लिए सूदखोरी का धंधा करते थे। ये ब्याज पर मोटी रकम लोगों को उपलब्ध कराते थे। मोहम्मद दाऊद अनपढ़ है, आमरन खान उर्फ राजा खान बीए पास है, मोहम्मद दाऊद उर्फ शेरगुल खान छठी पास है और गुलाम मोहम्मद 7वीं तक पढ़ा हुआ है।

फर्राटेदार हिंदी के कारण लोगों के शक से ये बचे हुए थे। इन अफगान नागरिकों के साथ रहने वाले एक मुखबिर ने इनकी जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने इन्हें धर-दबोचा और इनके कनेक्शंस खँगालने शुरू कर दिए। सीमांचल के साथ-साथ मिथिलांचल में भी इनकी टीमें काम कर रही हैं। पुलिस की टीम उनके द्वारा दिए गए नामों की पड़ताल करते हुए अन्य आरोपितों की गिरफ़्तारी के लिए प्रयासरत है।

पुलिस ने कटिहार से इन अफगानी नागरिकों के पास से कई अहम कागजात भी जब्त किए हैं। ये कई वर्षों से यहीं पर जमे हुए थे। इनके पास से 5.02 लाख रुपए, 3 पासपोर्ट, 15 मोबाइल, 3 एटीएम कार्ड, 5 पैन कार्ड, 4 आधार कार्ड, 4 मोटरसाइकिल, आवासीय प्रमाण पत्र, कई क्लोन कार्ड और 1 करोड़ रुपए के लेनदेन सम्बन्धी दस्तावेज भी जब्त किए गए। वो 15 सालों से यहाँ हवाला कारोबार कर रहे थे।

हाल ही में एनआईए के डीजी योगेश चंद्र मोदी ने बताया था कि उन्हें ज्ञात हुआ है कि बांग्लादेशी आतंकी संगठन जमात उल मुजाहिद्दीन ने बिहार, महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। जिसके संबंध में एनआईए ने 125 लोगों की लिस्ट तैयार करके संबंधित राज्यों से शेयर कर दी है। इसी तरह अब बिहार में भी आतंकियों ने नेपाल और बांग्लादेश सीमा का फायदा उठा कर सक्रियता बढ़ा दी है।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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