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भारत-चीन के बीच बिना गोली-बारूद के हुई खूनी झड़प, रक्षा मंत्री ने की CDS और विदेश मंत्री के साथ बैठक

इसी बीच चीन की ओर से जारी एक अधिकारिक बयान में आरोप लगाया है कि भारत के सैनिकों के द्वारा उनकी सीमा में घुसपैठ की कोशिशें की गईं और चीनी सैनिकों पर हमला किया गया। बता दें कि गलवान घाटी, जहाँ यह झड़प हुई है वह अक्साई चीन का बाहरी इलाका है।

भारत और चीन की सेनाओं के बीच लद्दाख बॉर्डर पर गलवान घाटी के पास हिंसक झड़प में दोनों तरफ से सेना के अधिकारियों की मौत की खबरें सामने आई हैं। इसमें भारतीय सेना के एक अफसर और दो जवान के बलिदान की खबरों के कुछ देर बाद ही भारतीय सेना द्वारा जारी एक अपडेट में बताया गया है कि इस झड़प में दोनों देशों की सेना के अधिकारियों को हानि पहुँची है।

कुछ सूत्रों से खबर आ रही है कि एक चीनी अफसर समेत चार के मरने की सूचना है। एशिया न्यूज़ की ताजा जानकारी के अनुसार चीन के 4 सैनिकों, जिनमें चीनी सेना का एक अधिकारी भी शामिल हैं, की मौत हुई है। हालाँकि अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है।

इसी बीच चीन की ओर से जारी एक अधिकारिक बयान में आरोप लगाया है कि भारत के सैनिकों के द्वारा उनकी सीमा में घुसपैठ की कोशिशें की गईं और चीनी सैनिकों पर हमला किया गया। बता दें कि गलवान घाटी, जहाँ यह झड़प हुई है वह अक्साई चीन का बाहरी इलाका है।

बताया जा रहा है कि इस झड़प के दौरान किसी तरह की कोई गोली नहीं चली है, यानी हाथापाई और पत्थरबाजी हुईं, जिनमें सैनिकों को क्षति पहुँची है। सेना ने भी किसी प्रकार की फायरिंग से इनकार किया है।

भारतीय सेना की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया है- “गलवान घाटी में सोमवार की रात को डि-एस्केलेशन की प्रक्रिया के दौरान भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस दौरान भारतीय सेना के एक अफसर और दो जवान शहीद हो गए हैं। दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इस वक्त इस मामले को शांत करने के लिए बड़ी बैठक कर रहे हैं।”

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेना प्रमुखों और विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के साथ बैठक की, जिसमें पूर्वी लद्दाख के हाल के घटनाक्रमों पर चर्चा की गई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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