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मौलवी बन मोहम्मद कासिम कर रहा था जासूसी, भारतीय सिम कार्ड के साथ ISI को खुफिया जानकारियाँ दी, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजस्थान से किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने कासिम को जासूसी की गतिविधियों के लिए भारतीय मोबाइल सिम कार्ड मुहैया कराकर ISI की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। कासिम दो बार पाकिस्तान गया था – पहली बार अगस्त 2024 में और फिर मार्च 2025 में। वह दोनों बार करीब 90 दिनों तक वहाँ रहा था।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजस्थान के भरतपुर से 34 साल के एक पाकिस्तानी जासूस को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि यह जासूसी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के इशारे पर की जा रही थी। आरोपित की पहचान मोहम्मद कासिम के रूप में हुई है, जो एक मुस्लिम मौलवी है। अधिकारियों के मुताबिक, कासिम के संबंध जयपुर से भी हैं और वह एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप और सोशल मीडिया के ज़रिए पाकिस्तान में अपने हैंडलर्स से जुड़ा हुआ था।

ISI को सिम कार्ड पहुँचाने का आरोप

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने कासिम को जासूसी की गतिविधियों के लिए भारतीय मोबाइल सिम कार्ड मुहैया कराकर ISI की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। कासिम दो बार पाकिस्तान गया था– पहली बार अगस्त 2024 में और फिर मार्च 2025 में। वह दोनों बार करीब 90 दिनों तक वहाँ रहा था।

जासूसी की ट्रेनिंग और फरार भाई

जाँच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, कासिम को ISI ने जासूसी की खास ट्रेनिंग दी थी। उसे सिखाया गया था कि कैसे खुफिया जानकारी इकट्ठा करनी है और उसे सुरक्षित तरीके से ISI के अधिकारियों तक पहुँचाना है। कासिम का एक भाई भी है, जो अभी फरार है और उस पर भी ISI के लिए काम करने का आरोप है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बताया कि पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव (PIO) भारतीय मोबाइल सिम कार्ड का इस्तेमाल व्हाट्सएप के ज़रिए कर रहे थे। वे इन सिम का उपयोग करके भारतीयों से बातचीत कर रहे थे ताकि सेना और अन्य सरकारी कार्यालयों की खुफिया जानकारी निकाल सकें।

यह जानकारी जासूसी के इस बड़े नेटवर्क के बारे में और भी गंभीर सवाल खड़े करती है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कानून की उपयुक्त धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस PIO और उनके साथियों द्वारा रची गई जासूसी की पूरी साज़िश का पता लगाने के लिए आगे की जाँच कर रही है।

इस खुलासे से पता चलता है कि कैसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियाँ भारतीय सिम कार्ड का इस्तेमाल कर आसानी से भारतीय नागरिकों से जुड़कर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रही थीं। सुरक्षा एजेंसियाँ अब इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने और इसमें शामिल सभी लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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