Saturday, April 20, 2024
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NIA की तर्ज पर जम्मू-कश्मीर में SIA, आतंकवाद और राष्ट्रद्रोह से जुड़े मामलों की जाँच में आएगी तेजी

एसआईए किसी भी मामले का स्वत: संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज कर सकती है, लेकिन इसकी जानकारी डीजीपी को देनी होगी।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की तर्ज पर जम्मू-कश्मीर में राज्य जाँच एजेंसी (SIA) का गठन किया जा रहा है। केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन ने सोमवार (1 नवंबर 2021) को इस विशेष जाँच एजेंसी के निर्माण की मँजूरी दी है। एसआईए मुख्य रूप से आतंकवाद और इससे जुड़े अपराधों से संबंधित मामलों की जाँच करेगी। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करने के लिए नोडल एजेंसी होगी और आतंकवाद से संबंधित मामलों की त्वरित और प्रभावी जाँच करेगी। जम्मू-कश्मीर सरकार के विशेष सचिव खालिद मजीद द्वारा जारी आदेश में इसकी जानकारी दी गई है।

एजेंसी को केंद्र शासित प्रदेश में काम करने वाली सीआईडी ​​और संबद्ध एजेंसियों से अलग स्थापित किया जाएगा। सीआईडी ​​विंग के प्रमुख के पदेन निदेशक के रूप में जम्मू-कश्मीर में एक एसआईए निदेशालय स्थापित किया जाएगा। निदेशालय में अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति सरकार करेगी।

पुलिस थानों के सभी प्रभारी अधिकारियों को आतंकवाद से संबंधित मामलों के पंजीकरण पर तत्काल एसआईए को अनिवार्य रूप से सूचित करना होगा और ऐसे मामलों के बारे में भी जहाँ जाँच के दौरान कोई आतंकवाद संबंध सामने आता है। गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, सामूहिक विनाश के हथियार सहित आईपीसी के कृत्यों और प्रावधानों से संबंधित अपराधों को एजेंसी के दायरे में शामिल किया गया है।

एसआईए ही प्रदेश में आतंकी हिंसा और राष्ट्रद्रोह समेत सभी संबधित मामलों की जाँच में एनआईए व अन्य संबधित सुरक्षा एजेंसियों के साथ पूरा समन्वय बनाते हुए उन्हें सभी आवश्यक सहयोग प्रदान करने वाली नोडल एजेंसी की भूमिका भी निभाएगी। एसआईए किसी भी मामले का स्वत: संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज कर सकती है, लेकिन इसकी जानकारी डीजीपी को देनी होगी। 

जम्मू-कश्मीर पुलिस के सीआईडी विंग का प्रमुख ही एसआईए के पदेन निदेशक हाेंगे। वह अपने कार्याधिकार क्षेत्र में उपलब्ध अपनी सभी शक्तियों और समय-समय पर सरकार द्वारा प्रदान किए गए अधिकारों के अनुरुप कार्य करने में समर्थ रहेंगे। संबधित अधिकारियों ने बताया कि एसआईए का गठन जम्मू-कश्मीर में आतंकी हिंसा और राष्ट्रद्रोह से संबंधित मामलों की त्वरित जाँच और दोषियों को यथाशीघ्र दंड सुनिश्चित करने के लिए ही किया गया है। 

एसआईए के गठन से जम्मू-कश्मीर पुलिस को कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने, सामान्य अपराधों की रोकथाम और आतंकरोधी अभियानों में खुद को पूरी तरह से केंद्रित रखने में मदद मिलेगी। एसआईए का नेतृत्व निदेशक करेंगे और उनके अधीन पर्याप्त संख्या में अधिकारी और कर्मचारी होंगे, जिन्हें समयानुसार व आवश्यतानुसार सरकार द्वारा नियुक्त किया जाएगा। SIA में तैनात कर्मचारियों को मूल वेतन का 25 फीसदी विशेष प्रोत्साहन राशि दिया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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