Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षामिग 27 क्रैश: लड़ाकू विमान को आबादी से दूर ले गए पायलट, जान-माल का...

मिग 27 क्रैश: लड़ाकू विमान को आबादी से दूर ले गए पायलट, जान-माल का नुकसान नहीं

भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमानों के दुर्घटना पर नजर डालें तो सबसे अधिक हादसे मिग-21 और मिग-27 के ही हुए हैं। इसी साल बीकानेर में 8 मार्च को भी एक मिग-21 क्रैश हुआ था।

राजस्थान के जोधपुर के पास आज 31 मार्च 2019 को भारतीय वायुसेना का लड़ाकू विमान मिग-27 क्रैश हो गया। यह दुर्घटना रूटीन मिशन पर उड़ान भरते समय शिवगंज के पास गोड़ाना गांव में हुई।

जैसे ही इंजन में खराबी आई, पायलट सूझबूझ दिखाते हुए विमान को आबादी से दूर ले गए। इससे क्रैश वाली साइट पर किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। समय रहते पायलट ने खुद भी इजेक्ट कर लिया और वो सुरक्षित हैं।

सूचना मिलते ही वायुसेना के अधिकारी क्रैश की साइट पर पहुँच गए और दुर्घटनाग्रस्त मिग-27 के पायलट को हेलिकॉप्टर से जोधपुर लाया गया है। जहाँ यह लड़ाकू विमान क्रैश हुआ है, वहाँ आस-पास के लोगों ने बताया कि हवा में ही विमान में आग लग गई थी।

मिग और IAF

भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमानों के दुर्घटना पर नजर डालें तो सबसे अधिक हादसे मिग-21 और मिग-27 के ही हुए हैं। इसी साल बीकानेर में 8 मार्च को भी एक मिग-21 क्रैश हुआ था। हालाँकि वायुसेना चीफ ने मिग को ‘खराब’ लड़ाकू विमान कहे जाने पर आपत्ति जताई थी। आपको याद दिला दें विंग कमांडर अभिनंदन ने पाकिस्तानी F-16 को अपने मिग-21 बाइसन से ही मार गिराया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राष्ट्रीय हितों की अनदेखी, मुस्लिम तुष्टिकरण पर जोर: गाँधी परिवार की चाहत- इजरायल को छोड़ फिलिस्तीन का समर्थन करे मोदी सरकार, अखबारी लेख में...

भाजपा का आरोप है कि कॉन्ग्रेस विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी वोट-बैंक की राजनीति कर भारत की वैश्विक छवि कमजोर करती है।

जब भगवान पड़ते हैं बीमार… पुरी की जगन्नाथ परंपरा में 15 दिनों तक बंद हो जाते हैं मंदिर के द्वार: जानें भक्त-भगवान के इस...

पुरी में देव स्नान पूर्णिमा के बाद भगवान जगन्नाथ के बीमार होने, अनसर गृह में विश्राम, गुप्त सेवा और रथयात्रा से जुड़ी अनोखी सनातन परंपरा।
- विज्ञापन -