Saturday, March 2, 2024
Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाJ&K में सुरक्षा बलों को भूमि अधिग्रहण के लिए अब NOC की ज़रूरत नहीं,...

J&K में सुरक्षा बलों को भूमि अधिग्रहण के लिए अब NOC की ज़रूरत नहीं, केंद्र ने वापस लिया 1971 का आदेश

इससे पहले सुरक्षा बलों के जवानों को गृह मंत्रालय के पास NOC के लिए आवेदन करना होता था। अब इससे राहत मिल गई है। असल मे सुरक्षा बलों को कई क्षेत्रों में कन्स्ट्रक्शन कार्य करने होते हैं। अब कुछ क्षेत्रों को चुन कर उसे 'रणनीतिक क्षेत्र' घोषित करने में भी आसानी होगी, जहाँ......

जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए लगभग 1 वर्ष पूरे हो गए हैं और इसके साथ ही भारतीय सुरक्षा बलों के लिए सरकार नई सौगात भी लेकर आई है। अब सुरक्षा बलों के जवानों को राज्य में भूमि के अर्जन/अधिग्रहण के लिए ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) लेने की कोई ज़रूरत नहीं है। इससे भारतीय सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ व गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले अन्य सशस्त्र बलों को फायदा मिलेगा।

इससे पहले के आदेश के हिसाब से सुरक्षा बलों के जवानों को जमीन अधिग्रहण के लिए NOC सर्टिफिकेट लेने लेने की आवश्यकता पड़ती थी, जिसके लिए उन्हें काफी जद्दोजहद करनी होती थी। अब जब ये आदेश वापस हो गया है, भूमि अधिग्रहण के लिए सेना के लिए रास्ते खुल गए हैं। राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव पवन कोतवाल ने सम्बन्ध में शुक्रवार (जुलाई 24, 2020) को एक आदेश जारी किया।

इससे पहले सुरक्षा बलों के जवानों को गृह मंत्रालय के पास NOC के लिए आवेदन करना होता था। अब इससे राहत मिल गई है। असल मे सुरक्षा बलों को कई क्षेत्रों में कन्स्ट्रक्शन कार्य करने होते हैं। अब कुछ क्षेत्रों को चुन कर उसे ‘रणनीतिक क्षेत्र’ घोषित करने में भी आसानी होगी, जहाँ सुरक्षा बलों के जवान आसानी से निर्माण-कार्य कर सकें और जरूरत पड़ने पर उस क्षेत्र का इस्तेमाल कर सकें।

जम्मू कश्मीर चूँकि अब केंद्र शासित प्रदेश है, इसीलिए अब यहाँ केंद्र सरकार के नियम-कानून लागू हो रहे हैं। केंद्र के नियम लागू होने के बाद जम्मू कश्मीर में अब राइट टू फेयर कंपनसेशन एंड ट्रांसपरेंसी इन लैंड इक्वीजिशन, रिहैबिलिशन एंड रिसेटलमेंट एक्ट, 2013 के तहत भूमि अधिग्रहण का रास्ता भी साफ हो गया है। जिस सर्कुलर को वापस लेने के बाद ये संभव हो सका है, वो 1971 में आया था।

अब जिले में ही सारा कार्य हो जाएगा क्योंकि सभी जिलों के डीएम को भूमि अधिग्रहण संबंधी कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए अनुमति और निर्देश दे दिए गए हैं। रणनीतिक कार्यों के लिए नेवी, एयरफोर्स और सशस्त्र बलों को अन्य राज्यों में पहले से ही ये सुविधाएँ हासिल हैं लेकिन जम्मू कश्मीर में ऐसा नहीं हो पाता था। राज्यों में पुलिस को भी ये अधिकार मिले हुए हैं। लोगों ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बिना बुर्का के थाने क्यों ले गई पुलिस, उन पर एक्शन लो’: दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की मुस्लिम महिला की याचिका, कहा – सुरक्षा...

रेशमा का कहना है कि पुलिस पहले से जानती थी कि वह बुर्कानशीं महिला है लेकिन उसे पर्दा करने का भी टाइम नहीं दिया गया।

बेंगलुरु रामेश्वरम कैफे बम ब्लास्ट में पुलिस ने एक को दबोचा, CCTV फुटेज से सामने आई थी संदिग्ध की तस्वीर: माँ के फोन से...

बेंगलुरु ब्लास्ट के बाद UAPA एक्ट के तहत केस दर्ज। इडली रवा खाने के बहाने रखा बम। एक संदिग्ध पुलिस की हिरासत में, चल रही पूछताछ।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
418,000SubscribersSubscribe