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NIA ने सील की हिजबुल सरगना सैयद सलाउद्दीन के बेटे की संपत्ति: कहने को लैब में काम, असली में आतंक के लिए जुटाता था फंड

सैयद सलाहुद्दीन के दो बेटे सैयद अहमद शकील और सैयद यूसुफ सरकारी नौकरी में थे। लेकिन दोनों ही साल 2018 में आतंकवादी गतिविधियों के लिए फंडिंग जुटाते पाए गए थे। इसके बाद साल 2021 में जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने दोनों को ही बर्खास्त कर दिया था। फिलहाल शकील जेल में है।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन के बेटे की संपत्ति कुर्क कर ली। सैयद सलाहुद्दीन का बेटा सैयद अहमद शकील भी आतंकी है। फिलहाल वह आतंकी फंडिंग के मामले में जेल में बंद है। एनआईए ने यह कार्रवाई यूएपीए के तहत की।

सैयद सलाहुद्दीन के बेटे सैयद अहमद की जिन संपत्तियों को NIA ने कुर्क किया है वह जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर व बडगाम शहर में हैं। संपत्तियों को कुर्क कर एनआईए ने वहाँ कुर्की का नोटिस बोर्ड लगा दिया है। इस बोर्ड में लिखा है, “सभी को सूचित किया जाता है कि नरसिंह गढ़, मोहल्ला राम बाग, श्रीनगर में स्थित सैयद सलाहुद्दीन के बेटे सैयद अहमद शकील की संपत्तियों को कुर्क कर लिया गया है। वह घोषित आतंकवादी है। एनआईए ने यह कार्रवाई विशेष अदालत के आदेश से गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत की है।”

गौरतलब है कि सैयद सलाहुद्दीन के दो बेटे सैयद अहमद शकील और सैयद यूसुफ सरकारी नौकरी में थे। लेकिन दोनों ही साल 2018 में आतंकवादी गतिविधियों के लिए फंडिंग जुटाते पाए गए थे। इसके बाद साल 2021 में जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने दोनों को ही बर्खास्त कर दिया था। इन दोनों के साथ ही प्रशासन ने आतंकी गतिविधियों में संलिप्त 9 अन्य सरकारी कर्मचारियों को भी बर्खास्त किया था।

एनआईए ने जाँच में पाया था कि मोस्ट वांटेड आतंकी सैयद सलाहुद्दीन के दोनों बेटे सैयद अहमद शकील और सैयद यूसुफ हिजबुल मुजाहिदीन की आतंकवादी गतिविधियों के लिए फंड इकट्ठा कर रहे थे। दोनों ये फंड हवाला के जरिए इकट्ठा करते और ट्रांसफर करते पाए गए थे। सैयद अहमद शकील शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसकेआईएमएस), सौरा में लैब तकनीशियन के रूप में काम करता था। वहीं, सैयद यूसुफ जम्मू-कश्मीर के कृषि विभाग में काम कर रहा था। नौकरी से बर्खास्त करने के बाद अब संपत्ति कुर्क करने को हिजबुल मुजाहिदीन और आतंकवाद पर बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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