Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाजैश आतंकी उबेद, जहाँगीर, सबील अहमद हथियारों-विस्फोटकों के साथ कठुआ में गिरफ्तार

जैश आतंकी उबेद, जहाँगीर, सबील अहमद हथियारों-विस्फोटकों के साथ कठुआ में गिरफ्तार

जम्मू के आईजी मुकेश सिंह ने बताया है कि ये गिरफ्तार हुए संदिग्ध आतंकी कश्मीर के रहने वाले हैं। इनकी पहचान पुलवामा निवासी उबेद-उल-इस्लाम, बड़गाम निवासी जहाँगीर अहमद पारे और पुलवामा निवासी सबील अहमद बाबा के रूप में हुई हैं।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आज (सितंबर 12, 2019) पंजाब से कश्मीर घाटी की ओर AK-47 और विस्फोटक लेकर आते 3 आतंकियों को कठुआ में गिरफ्तार किया। इलाके के एसएसपी श्रीधर पाटिल ने इस गिरफ्तारी की सूचना देते हुए बताया कि ये तीनों आतंकी जैश-ए मोहम्मद के हैं। इनके पास से 4 AK-56, 2 AK-47, 6 मैग्जीन और 180 लाइव राउंड के साथ 11,000 रुपए नकद बरामद किए गए हैं। जिसके बाद अब पंजाब बॉर्डर पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जम्मू के आईजी मुकेश सिंह ने बताया है कि ये गिरफ्तार हुए संदिग्ध आतंकी कश्मीर के रहने वाले हैं। इनकी पहचान पुलवामा निवासी उबेद-उल-इस्लाम, बड़गाम निवासी जहाँगीर अहमद पारे और पुलवामा निवासी सबील अहमद बाबा के रूप में हुई हैं।

जानकारी के अनुसार इन आतंकियों की सूचना पुलिस को सुरक्षाबल द्वारा मिली थी कि हथियारों से भरा ट्रक लेकर ये अमृतसर के रास्ते आ रहे हैं।

इसके बाद ही कठुआ में नाकेबंदी के दौरान ट्रक में रखे सेब के कार्टन से ये हथियार और विस्फोटक चीजें बरामद हुईं और ट्रक में बैठे इन तीनों संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अब फिलहाल इनसे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये हथियार इन्हें कहाँ पर पहुँचाने थे और कहाँ से लाए जा रहे थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -