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पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा मोहम्मद सकलेन गुजरात से धराया: वायरस भेज हैक किए जाते थे सेना के जवानों के फोन, फिर निकालते थे गुप्त जानकारियाँ

संदिग्ध लिंक भेज कर फोन का डेटा हैक किया था, फिर भारतीय सेना की गुप्त जानकारियाँ पाकिस्तान भेजी जाती थीं। इस नंबर की जाँच की गई तो वो जामनगर के मोहम्मद सकलेन के नाम पर रजिस्टर्ड था।

गुजरात के आतंकरोधी दस्ते (ATS) ने मोहम्मद सकलेन नामक एक शख्स को गिरफ्तार किया है, जो भारत में रह कर पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा था। वो जामनगर का रहने वाला है। उसने एक भारतीय सिम कार्ड खरीद कर उसमें व्हाट्सएप्प एक्टिवेट करवाया था। ये व्हाट्सएप्प नंबर पाकिस्तान में सक्रिय था। उसका इस्तेमाल कर के जम्मू कश्मीर में भारतीय सेना की जासूसी की जा रही थी। अक्टूबर 2023 में ही इसका भंडाफोड़ हो गया था।

उस समय कुछ आरोपित पकड़े भी गए थे। हालाँकि, मोहम्मद सकलेन अब धराया है। मोहम्मद सकलेन कई महीनों से फरार चल रहा था। साजिश के तहत भारतीय सेना के जवानों के फोन में मालवेयर वायरस भेजा जाता था। इसके बाद उनके मोबाइल फोन की एक्टिविटी पर नजर रखी जाती थी। संदिग्ध लिंक भेज कर फोन का डेटा हैक किया था, फिर भारतीय सेना की गुप्त जानकारियाँ पाकिस्तान भेजी जाती थीं। इस नंबर की जाँच की गई तो वो जामनगर के मोहम्मद सकलेन के नाम पर रजिस्टर्ड था।

जाँच के दौरान पता चला कि उसने ये सिम अपने साथी असगर को दिया था। इसमें आणंद के तारापुर के रहने वाले लाभशंकर माहेश्वरी को फिर ये सिम दिया गया था। वो पाकिस्तान में रहता था और 1999 में भारतीय वीजा पर यहाँ आया था। 2005 में उसने पत्नी समेत भारतीय नागरिकता हासिल कर ली थी। 2022 में उसने पाकिस्तानी वीजा के लिए अप्लाई किया था, लेकिन इसमें देरी हो रही थी। फिर उसने पाकिस्तान में रह रहे अपने मौसी के बेटे किशोर रामवाणी से बात की थी।

इसके बाद किशोर ने उससे कहा था कि वो पाकिस्तान दूतावास में कार्यरत एक शख्स से व्हाट्सएप्प के माध्यम से बात करे। इसके बाद पति-पत्नी का वीजा मंजूर हुआ और वो पाकिस्तान गए भी थे। फिर उसने अपनी बहन और उसकी बच्ची के लिए पाकिस्तानी वीजा के लिए अप्लाई किया और उसे स्वीकार भी करवा लिया था। इससे पहले भी पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले लोग धराते रहे हैं। ताज़ा कामयाबी गुजरात के जामनगर में ATS को मिली है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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