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रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट में NIA को बड़ी सफलता, मुज़म्मिल शरीफ धराया: विस्फोटक तैयार करने के लिए उसी ने जुटाए थे संसाधन, 18 ठिकानों पर छापेमारी

फिलहाल मुसव्विर हुसैन और अब्दुल मतीन फरार चल रहे हैं। जैसे NIA की जाँच आगे बढ़ी वैसे ही इस मामले में मुज़म्मिल हुसैन का भी नाम प्रकाश में आया।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) को रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट केस में बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने इस घटना में शामिल 1 आरोपित को गिरफ्तार करने का दावा किया है। यह गिरफ्तारी 3 प्रदेशों में 18 जगहों पर हुई छापेमारी के बाद हुई है। गिरफ्तार आरोपित का नाम मुज़म्मिल शरीफ है। मुज़म्मिल ने ब्लास्ट के लिए बाकी आरोपितों को संसाधन उपलब्ध करवाए थे। NIA को इस मामले में अभी मुसव्विर शाजेब हुसैन और अब्दुल मतीन ताहा की तलाश है। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने इस कार्रवाई की पुष्टि बुधवार (27 मार्च, 2024) को की है।

NIA के मुताबिक गिरफ्तार आरोपित मुज़म्मिल शरीफ रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट में सहयोगी की भूमिका निभा रहा था। इस विस्फोट काँड की जाँच 3 मार्च 2024 को NIA ने शुरू की थी। NIA ने शुरुआत में ब्लास्ट के मुख्य आरोपित मुसव्विर शाजेब हुसैन की पहचान की थी। मुसव्विर पर विस्फोट को अंजाम देने का आरोप है। एजेंसी ने आगे की गई जाँच में दूसरे आरोपित के तौर पर अब्दल मतीन ताहा को चिह्नित किया था। ताहा रामेश्वर ब्लास्ट के अलावा कई अन्य आतंकी घटनाओं में भी वांटेड है।

फिलहाल मुसव्विर हुसैन और अब्दुल मतीन फरार चल रहे हैं। जैसे NIA की जाँच आगे बढ़ी वैसे ही इस मामले में मुज़म्मिल हुसैन का भी नाम प्रकाश में आया। पता यह चला कि मुज़म्मिल ने विस्फोट को अंजाम देने में मुसव्विर और मतीन की मदद की थी। उसने विस्फोटकों को तैयार करने वाले संसाधनों की व्यवस्था करवाई। मुज़म्मिल की गिरफ्तारी के लिए राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने एक साथ 3 प्रदेशों के कुल 18 जगहों पर दबिश दी। इन लोकेशनों में सबसे ज्यादा 12 स्थान कर्नाटक में थे। इसके बाद तमिलनाडु में 5 और उत्तर प्रदेश की एक लोकेशन (बरेली) में दबिश दी गई।

दबिश के दौरान मुज़म्मिल, अब्दुल मतीन और मुसव्विर हुसैन के घरों और इनसे जुड़ी दुकानों को भी खंगाला गया। कई इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों को जब्त किया गया है जिसकी जाँच की जा रही है। इसी दबिश में मुज़म्मिल हुसैन को गिरफ्तार कर लिया गया। उस से पूछताछ की जा रही है। माना जा रहा है कि मुज़म्मिल से हुई पूछताछ के बाद रामेश्वरम कैफ ब्लास्ट के कई मामलों से पर्दा उठ सकता है। यह गिरफ्तारी NIA के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

बताते चलें कि 1 मार्च 2024 को बेंगलुरु के ITPL रोड स्थित रामेश्वरम कैफे में ब्लास्ट हुआ था। इस घटना में कैफे के स्टाफ सहित कुछ कस्टमर घायल हुए थे। ब्लास्ट में कोई जनहानि नहीं हुई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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