Thursday, June 13, 2024
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महाराष्ट्र ISIS मॉड्यूल पर NIA ने कसा शिकंजा, 6 आतंकियों के खिलाफ दायर की चार्जशीट, ‘DIY किट’ के जरिए बढ़ा रहे थे नेटवर्क

NIA ने आंतकी संगठन ISIS के इशारे पर भारत में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के केस में 6 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की। ये आतंकी गतिविधियों अंजाम देने के लिए पैसे के इंतजाम के लिए डीआईवाई किट शेयर कर रहे थे।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) मॉड्यूल केस में छह आरोपियों के खिलाफ गुरुवार (28 दिसंबर 2023) को चार्जशीट दायर की। गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत NIA ने ये चार्जशीट NIA स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश एके लाहोटी की अदालत में दायर की है।

चार्जशीट में 16 लोगों को संरक्षित गवाह बनाया गया है। इसमें 6 आरोपितों पर ISIS के इशारे पर भारत में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। एनआईए के मुताबिक, आरोपितों के इस्लामिक स्टेट (IS) के साथ रिश्ते थे और वो देश के युवाओं को भारत विरोधी एजेंडे का प्रचार करने के लिए लुभाने की कोशिश कर रहे थे।

दरअसल NIA ने आईएसआईएस मॉड्यूल केस (ISIS Module Case) के दौरान इस साल जुलाई में महाराष्ट्र के कई जगहों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान मुंबई का ताबिश नासिर सिद्दीकी, जुल्फिकार अली बड़ौदावाला उर्फ लालाभाई, शरजील शेख, बोरीवली-पडघा का आकिफ अतीक नाचन, पुणे का जुबैर नूर मोहम्मद शेख उर्फ अबू नुसैबा और अदन अली सरकार पकड़े गए थे।

एनआईए के मुताबिक, सभी आरोपित प्रतिबंधित ISIS के सदस्य हैं। इनमें से दो आरोपियों- जुल्फिकार अली बड़ौदावाला और आकिफ अतीक नाचन के खिलाफ ISIS के पुणे मॉड्यूल केस में धमाके के लिए आईईडी बनाने के आरोप में चार्टशीट दाखिल की जा चुकी है। वहीं, दो आरोपितों- ताबिश और जुल्फिकार ने आईएसआईएस के स्वयंभू खलीफा (नेता) के प्रति निष्ठा की शपथ ली थी।

एनआईए ने खुलासा किया है कि महाराष्ट्र आईएसआईएस आतंकी मॉड्यूल के सदस्य अपने संपर्क में आने वाले लोगों के साथ भारत में आतंकी संगठन की हिंसक विचारधारा को फैलाने के लिए ‘DIY (डू इट योरसेल्फ) किट’ शेयर कर रहे थे। इस किट के जरिए आरोपित अपनी आतंकी योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए पैसा भी जुटा रहे थे।

चार्जशीट में ये भी कहा गया है, “महाराष्ट्र आईएसआईएस आतंकी मॉड्यूल मामले (एनआईए आरसी-02/2023/एनआईए/एमयूएम) में अब तक की एनआईए जाँच में आईएसआईएस के विदेशी हैंडलरों की भागीदारी के साथ मिलकर एक बड़ी साजिश रचने का खुलासा हुआ है।” इसके साथ ही एक ऐसे जटिल नेटवर्क का पता चला है, जिसमें कट्टरपंथी भारत में ISIS की हिंसक विचारधारा फैला रहे थे।

जाँच एजेंसी ने बताया कि उसकी मुंबई ब्रॉन्च को आरोपितों के पास से ‘हिजरा’ यानी सीरिया में रहने से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। इसमें आईएसआईएस के प्रकाशित ‘वॉयस ऑफ हिंद’ और ‘वॉयस ऑफ खुरासान’ जैसी प्रोपेगेंडा पत्रिकाएँ भी मिलीं। एजेंसी ने कहा कि जब्त सामग्री से साफ पता चलता है कि आरोपितों के आईएसआईएस के साथ मजबूत रिश्ते हैं।

बताते चलें कि एनआईए को गृह मंत्रालय से देश की एकता, अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता को प्रभावित करने की साजिश की जानकारी मिली थी। इसके बाद ही एनआईए ने 28 जून 2023 को ताबिश सिद्दीकी और अन्य के खिलाफ ISIS की आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देकर भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के तहत केस दर्ज किया था। इस केस में आगे की जाँच आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 173(8) के प्रावधानों के तहत जारी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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