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NIA ने भिंडरावाले के पोते को किया गिरफ्तार, पिता हैं अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार: विस्फोटक भरे टिफिन बॉक्स पाकिस्तान से आए थे

NIA को छापेमारी में टिफिन बम, पिस्टल और आरडीएक्स मिला। इसके बाद गुरमुख सिंह को हिरासत में लिया गया।

खालिस्तानी आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले के भतीजे जसबीर सिंह रोड़े के बेटे को बीती रात NIA ने पंजाब से गिरफ्तार कर लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक जसबीर का बेटा गुरमुख सिंह को पाकिस्तान में रहने वाले अपने चाचा लखबीर सिंह रोड़े से विस्फोटकों से भरे टिफिन बॉक्स मिले थे। इन्हें वह भारत में बाँट रहा था।

एनआईए ने जालंधर के एक गाँव में स्थित जसबीर के घर पर छापा मारा। जसबीर अकाल तख्त का पूर्व जत्थेदार है। NIA को छापेमारी में टिफिन बम, पिस्टल और आरडीएक्स मिला। इसके बाद गुरमुख सिंह को हिरासत में लिया गया। जब छापा मारा गया तब जसबीर घर पर ही था और उसने ख़राब स्वास्थ्य की जानकारी दी।

जसबीर सिंह रोड़े की इसी वर्ष 26 जनवरी को हिंसक हुए कृषि सुधर कानून विरोधी आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका थी। NIA ने 18 जनवरी को जसबीर को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। लेकिन पूर्व जत्थेदार जसबीर ने दावा किया था कि यह आंदोलन को कुचलने की एक साजिश है।

लखबीर सिंह रोड़े इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (ISYF) का अध्यक्ष है। फिलहाल NIA से इस मामले में कोई जानकारी नहीं प्राप्त हुई है। रिपोर्ट्स का यह भी मानना है कि इस ऑपरेशन में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) भी शामिल थी। इस जाँच के विषय में पूरी जानकारी मिलनी अभी बाकी है।

यहाँ ध्यान योग्य बात यह है कि किसान आंदोलन में खालिस्तानी तत्वों की उपस्थिति जगजाहिर है। इसके बारे में भाजपा और कॉन्ग्रेस दोनों ही पार्टियों के नेता चिंता व्यक्त कर चुके हैं। जसबीर सिंह रोड़े का भाई लखबीर सिंह रोड़े खालिस्तानी समर्थक है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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