Homeरिपोर्ट'निःस्वार्थ सेवा, अथक ऊर्जा' के लिए PM मोदी को फिलिप कोटलर प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड

‘निःस्वार्थ सेवा, अथक ऊर्जा’ के लिए PM मोदी को फिलिप कोटलर प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड

"पीएम मोदी का चयन राष्ट्र के लिए उत्कृष्ट नेतृत्व के आधार पर किया गया है। भारत के लिए उनकी निस्वार्थ सेवा के साथ-साथ उनकी अथक ऊर्जा के कारण देश में असाधारण आर्थिक, सामाजिक व तकनीकी विकास हुआ है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रथम फिलिप कोटलर प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड दिया गया। 14 जनवरी को पीएम मोदी को प्रदान किया गया यह पुरस्कार मुख्यतः तीन पर बिंदुओं पर केंद्रित है – जनता, लाभ, धरती (3 Ps – People, Profit and Planet)। यह पुरस्कार किसी राष्ट्र के नेता को प्रतिवर्ष दिया जाना है।

“पीएम मोदी का चयन राष्ट्र के लिए उत्कृष्ट नेतृत्व के आधार पर किया गया है। भारत के लिए उनकी निःस्वार्थ सेवा के साथ-साथ उनकी अथक ऊर्जा के कारण देश में असाधारण आर्थिक, सामाजिक व तकनीकी विकास हुआ है।” – फिलिप कोटलर प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड के प्रशस्ति पत्र में यही उल्लेख है।

प्रशस्ति पत्र में यह भी कहा गया है कि उनके नेतृत्व में भारत को अब इनोवेशन का केंद्र, मेक इन इंडिया के कारण विनिर्माण केंद्र के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी, अकाउंटिंग व फ़ायनांस जैसी व्यावसायिक सेवाओं के लिए वैश्विक तौर पर पहचान मिली है।

पीएम मोदी को डिजिटल क्रांति (डिजिटल इंडिया) का श्रेय देते हुए प्रशस्ति पत्र में कहा गया कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ही आधार कार्ड के जरिए सामाजिक लाभ और वित्तीय समावेशन संभव हो पाया। इससे उद्यमशीलता, व्यापार करने में आसानी भी हुई। इस कारण भारत आज 21वीं सदी का बुनियादी ढाँचा बनाने में सक्षम है।

जानकारी के लिए बता दें कि फिलिप कोटलर केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी) में मार्केटिंग के प्रोफ़ेसर हैं और मार्केटिंग गुरु के नाम से मशहूर भी। वो अपने स्वास्थ्य कारणों से ख़ुद यह पुरस्कार देने नहीं आ पाए। उनकी जगह जॉर्जिया की इमोरी यूनिवर्सिटी के जगदीश सेठ को पीएम मोदी को पुरस्कार प्रदान करने के लिए भेजा गया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारों की बात करें तो नरेंद्र मोदी को पिछले साल प्रतिष्ठित सियोल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उससे पहले, संयुक्त राष्ट्र ने ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवार्ड्स’ फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्राँ के साथ संयुक्त रूप से दिया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भारत की पहली नाइट सफारी बनेगा UP का कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट, सुप्रीम कोर्ट से मिली हरी झंडी: जानिए क्या होंगी इसकी विशेषताएँ

कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि यहाँ मगरमच्छ और घड़ियाल रहते हैं। इसके अंदर बहुत सुंदर हिरण पार्क भी बनाया गया है।

पंजाब में खालिस्तानी आतंकियों ने हिंदू पहचान को बनाया निशाना, बाजारों-बसों-ट्रेनों में हुए कत्लेआम: जानें- ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ के पहले से ही कैसे बहाया...

पंजाब में उग्रवाद के काले दौर में खालिस्तानी आतंकियों ने बसों और ट्रेनों को निशाना बनाते हुए निर्दोष हिंदुओं को चुनकर मौत के घाट उतारा था।
- विज्ञापन -