Homeदेश-समाजबरेली: वसीम ने महाशिवरात्रि पूजा के दौरान उखाड़ डाला टेंट, रोकनी पड़ी पूजा

बरेली: वसीम ने महाशिवरात्रि पूजा के दौरान उखाड़ डाला टेंट, रोकनी पड़ी पूजा

आयोजकों ने पुरानी परंपरा का हवाला देते हुए टेंट हटाने से मना कर दिया। इसके बाद गुस्साए वसीम ने ख़ुद टेंट उखाड़ डाला।

बरेली के फतेहगंज में महाशिवरात्रि पूजा के दौरान सांप्रदायिक तनाव भड़क गया। ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित ख़बर के अनुसार, फतेहगंज पश्चिमी में पुलिस चौकी के बगल में स्थित ब्रह्मदेव महाराज धर्मस्थल पर महाशिवरात्रि की वार्षिक पूजा चल रही थी। तभी वसीम ने आकर टेंट उखाड़ डाला, जिसके बाद इलाक़े में तनाव फैल गया। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुँची, जिसके बाद अनुष्ठान फिर से शुरू हो सका। पंचायत की बैठक बुलाने के बाद पूजा समिति धीमी आवाज पर माइक बजाने के लिए तैयार हो गई, जिसके बाद सब कुछ सामान्य हो सका।

दरअसल, उक्त मंदिर में भगवन शिव की बहुत पुरानी प्रतिमा है। यहाँ प्रत्येक वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। सोमवार (मार्च 4, 2019) को इसी मौके पर भारतीय हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष सूरज राठौर और उनके साथी अंकित शर्मा इत्यादि ने भजन-कीर्तन का आयोजन किया था। इसके बाद प्रसाद वितरण का भी कार्यक्रम तय किया गया था। तभी मंदिर के पीछे से कय्यूम सेठ का बेटा वसीम अपने साथियों के साथ आ धमका और उसने पूजा-पाठ कर रहे लोगों पर हल्ला करने का आरोप मढ़ा।

उसने आयोजकों से टेंट हटाने और पूजा रोकने को कहा। आयोजकों ने पुरानी परंपरा का हवाला देते हुए टेंट हटाने से मना कर दिया। इसके बाद गुस्साए वसीम ने ख़ुद टेंट उखाड़ डाला। इलाक़े में जैसे ही वसीम द्वारा महाशिवरात्रि पूजा बाधित करने की ख़बर पहुँची, सैंकड़ों लोग घटनास्थल पर जमा हो गए और प्रदर्शन करने लगे। युवा भाजपा नेता व उत्तर प्रदेश प्रांतीय उद्योग व्यापार समिति के नगर अध्यक्ष आशीष अग्रवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष अजय सक्सेना, सुचित अग्रवाल, सत्यप्रकाश अग्रवाल समेत कई नेतागण घटनास्थल पर पहुँचे और मामले की जानकारी ली।

थाना प्रभारी राजकुमार तिवारी ने भीड़ को समझा-बुझा कर शांत कराया। पूरी पुलिस फोर्स के साथ पहुँचे थानाध्यक्ष को इसके लिए काफ़ी मशक्कत करनी पड़ी। दोनों पक्षों को चौकी पर बुला कर सुलह करवाई गई। भाजपा नेताओं की उपस्थिति में यह तय किया गया कि धीमी आवाज में कीर्तन होगा और प्रसाद वगैरह का वितरण किया जाएगा। इसके बाद टेंट को फिर से लगा कर पूजा-पाठ शुरू किया गया। विवाद शांत कराने में भाजपा नेताओं व व्यापारियों ने अहम भूमिका निभाई। ताज़ा सूचना मिलने तक विवाद ख़त्म हो चुका था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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