Monday, April 15, 2024
Homeदेश-समाजबरेली: वसीम ने महाशिवरात्रि पूजा के दौरान उखाड़ डाला टेंट, रोकनी पड़ी पूजा

बरेली: वसीम ने महाशिवरात्रि पूजा के दौरान उखाड़ डाला टेंट, रोकनी पड़ी पूजा

आयोजकों ने पुरानी परंपरा का हवाला देते हुए टेंट हटाने से मना कर दिया। इसके बाद गुस्साए वसीम ने ख़ुद टेंट उखाड़ डाला।

बरेली के फतेहगंज में महाशिवरात्रि पूजा के दौरान सांप्रदायिक तनाव भड़क गया। ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित ख़बर के अनुसार, फतेहगंज पश्चिमी में पुलिस चौकी के बगल में स्थित ब्रह्मदेव महाराज धर्मस्थल पर महाशिवरात्रि की वार्षिक पूजा चल रही थी। तभी वसीम ने आकर टेंट उखाड़ डाला, जिसके बाद इलाक़े में तनाव फैल गया। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुँची, जिसके बाद अनुष्ठान फिर से शुरू हो सका। पंचायत की बैठक बुलाने के बाद पूजा समिति धीमी आवाज पर माइक बजाने के लिए तैयार हो गई, जिसके बाद सब कुछ सामान्य हो सका।

दरअसल, उक्त मंदिर में भगवन शिव की बहुत पुरानी प्रतिमा है। यहाँ प्रत्येक वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। सोमवार (मार्च 4, 2019) को इसी मौके पर भारतीय हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष सूरज राठौर और उनके साथी अंकित शर्मा इत्यादि ने भजन-कीर्तन का आयोजन किया था। इसके बाद प्रसाद वितरण का भी कार्यक्रम तय किया गया था। तभी मंदिर के पीछे से कय्यूम सेठ का बेटा वसीम अपने साथियों के साथ आ धमका और उसने पूजा-पाठ कर रहे लोगों पर हल्ला करने का आरोप मढ़ा।

उसने आयोजकों से टेंट हटाने और पूजा रोकने को कहा। आयोजकों ने पुरानी परंपरा का हवाला देते हुए टेंट हटाने से मना कर दिया। इसके बाद गुस्साए वसीम ने ख़ुद टेंट उखाड़ डाला। इलाक़े में जैसे ही वसीम द्वारा महाशिवरात्रि पूजा बाधित करने की ख़बर पहुँची, सैंकड़ों लोग घटनास्थल पर जमा हो गए और प्रदर्शन करने लगे। युवा भाजपा नेता व उत्तर प्रदेश प्रांतीय उद्योग व्यापार समिति के नगर अध्यक्ष आशीष अग्रवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष अजय सक्सेना, सुचित अग्रवाल, सत्यप्रकाश अग्रवाल समेत कई नेतागण घटनास्थल पर पहुँचे और मामले की जानकारी ली।

थाना प्रभारी राजकुमार तिवारी ने भीड़ को समझा-बुझा कर शांत कराया। पूरी पुलिस फोर्स के साथ पहुँचे थानाध्यक्ष को इसके लिए काफ़ी मशक्कत करनी पड़ी। दोनों पक्षों को चौकी पर बुला कर सुलह करवाई गई। भाजपा नेताओं की उपस्थिति में यह तय किया गया कि धीमी आवाज में कीर्तन होगा और प्रसाद वगैरह का वितरण किया जाएगा। इसके बाद टेंट को फिर से लगा कर पूजा-पाठ शुरू किया गया। विवाद शांत कराने में भाजपा नेताओं व व्यापारियों ने अहम भूमिका निभाई। ताज़ा सूचना मिलने तक विवाद ख़त्म हो चुका था।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मोदी की गारंटी’ भी होगी पूरी: 2014 और 2019 में किए इन 10 बड़े वादों को मोदी सरकार ने किया पूरा, पढ़ें- क्यों जनता...

राम मंदिर के निर्माण और अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से लेकर नागरिकता संशोधन अधिनियम को अधिसूचित करने तक, भाजपा सरकार को विपक्ष के लगातार कीचड़ उछालने के कारण पथरीली राह पर चलना पड़ा।

‘वित्त मंत्री रहते RBI पर दबाव बनाते थे P चिदंबरम, सरकार के लिए माहौल बनाने को कहते थे’: बैंक के पूर्व गवर्नर ने खोली...

आरबीआई के पूर्व गवर्नर पी सुब्बाराव का दावा है कि यूपीए सरकारों में वित्त मंत्री रहे प्रणब मुखर्जी और पी चिदंबरम रिजर्व बैंक पर दबाव डालते थे कि वो सरकार के पक्ष में माहौल बनाने वाले आँकड़ें जारी करे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe