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‘मोदी तेरी खैर नहीं… इंशा अल्लाह ताला हिंदुओं का नामोनिशान मिट जाएगा दुनिया से’: सिखों को साथ ले जंग का ऐलान करते ‘मौलाना’ का पुराना वीडियो वायरल

"हाँ पैंतालीस करोड़ मुसलमान हो गए हैं, अगर सिख भी हमारे साथ होंगे इंशा अल्लाह, उन्हें हमने इज्जत दी है, हमने उन्हें सर पे बिठाया है, पाकिस्तान, इमरान खान ने उन्हें इज्जत दी है, जनरल कमर बाजवा ने उन्हें इज्जत दी है। पाक फ़ौज ने उनका एहतराम किया है जी। इंशा अल्लाह ताला वो अब जंग में हमारे साथ होंगे।"

कृषि कानूनों के विरोध के नाम पर जारी किसान आंदोलन में खालिस्तानियों, इस्लामी कट्टरपंथियों और अतिवादी वामपंथियों की घुसपैठ तथा हिंसा की साजिश रचे जाने की खबरों के बीच एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें मौलाना की तरह दिखने वाला एक बुजुर्ग समझा रहा है कि कैसे मुसलमान, सिखों और कश्मीरियों को साथ लेकर हिंदुओं के खिलाफ जंग कर सकता है।

इस तरह के वीडियो का वायरल होना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि ऐसा ही ट्रेंड सीएए के विरोध के नाम पर भी देखने को मिला था। जिसकी अंतिम परिणति उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों के तौर पर हुई थी।

किसान आंदोलनों के बीच मैसेंजर ऐप व्हाट्सऐप पर वायरल हो रहे इस पुराने वीडियो में मुस्लिमों और सिखों की संख्या जोड़कर भारत और मोदी को सबक सिखाने का ऐलान किया जा रहा है। हिन्दुओं का नामोनिशान मिटाने तक की भी बात कही जा रही है।

यह वीडियो व्हाट्सऐप पर फॉरवर्ड किया जा रहा है

व्हाट्सऐप पर वायरल यह वीडियो ‘नया पाकिस्तान’ नाम के किसी वीडियो चैनल द्वारा बनाया गया है। वीडियो में हाथ में माइक लिए एक रिपोर्टर के अलावा कुछ लोग नजर आ रहे हैं। इनमें से एक सफ़ेद कुर्ता और सफ़ेद दाढ़ी वाले बुजुर्ग कह रहा है, “देखो जी चौदह करोड़ सिख हैं जी। एक करोड़ कश्मीरी हैं जी और तीस करोड़ वहाँ पे इंडिया में मुसलमान हैं। अब पन्द्रह वे हो गए और तीस ये हो गए हैं। पैंतालीस हजार मुसलमान हो गए हैं।”

यहाँ पर रिपोर्टर उन्हें टोकते हुए कहता है, “पैंतालीस करोड़!”

इसके आगे बुजुर्ग कहता है, “हाँ पैंतालीस करोड़ मुसलमान हो गए हैं, अगर सिख भी हमारे साथ होंगे इंशा अल्लाह, उन्हें हमने इज्जत दी है, हमने उन्हें सर पे बिठाया है, पाकिस्तान, इमरान खान ने उन्हें इज्जत दी है, जनरल कमर बाजवा ने उन्हें इज्जत दी है। पाक फ़ौज ने उनका एहतराम किया है जी। इंशा अल्लाह ताला वो अब जंग में हमारे साथ होंगे।”

इसके आगे बुजुर्ग व्यक्ति भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जिक्र करते हुए कहता है, “मोदी को अब सबक सिखाने का टाइम आ गया, इंशा अल्लाह ताला, पैंतालीस करोड़ वहाँ होंगे, बीस करोड़ आवाम यहाँ है…”

इसके बाद बुजुर्ग भावनाओं में बहते हुए और ऊँची आवाज में नारे लगाते हुए बोलता है, “मोदी अब तेरी खैर नहीं। इंशा अल्लाह ताला, हिन्दुओं का नामोनिशान मिट जाएगा दुनिया से।”

इसके साथ ही वहाँ पर मौजूद सारी भीड़ बुजुर्ग व्यक्ति के समर्थन में नारेबाजी करती और तालियाँ बजाते हुए देखी जा सकती है। वही सफ़ेद लिबास वाला बुजुर्ग इसके आगे कहता है, “यह बहुत बड़ा कारनामा है जी। जनरल बाजवा, पाकिस्तान और इमरान खान का, ये तो हम सोच भी नहीं सकते।”

गौरतलब है कि यह वीडियो नवम्बर, 2019 में पीओके के मानवाधिकार कार्यकर्ता और पत्रकार आरिफ अजाकिया द्वारा ट्वीट किया गया था। आरिफ अजाकिया ने इसे शेयर करते हुए लिखा, “एक तो पाकजबी, फिर मुल्ला और वो भी बूट पोलिशिया। 45 करोड़ मुसलमान और 15 करोड़ सिख।” आरिफ अजाकिया ने इसके साथ ही हँसने वाली मजाकिया ‘इमोजी’ इस्तेमाल की थी।

वैसे इस वीडियो का हालिया किसान आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। लेकिन, इस वक्त इसे वायरल किए जाने से किसान आंदोलन की आड़ में हिंसा की साजिशों को लेकर जताई जा रही आशंकाओं को और पुख्ता करता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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