Homeरिपोर्ट'तीसरी बीवी आने वाली है': सैफ अली खान के बाजू पर नहीं दिखा 'करीना'...

‘तीसरी बीवी आने वाली है’: सैफ अली खान के बाजू पर नहीं दिखा ‘करीना’ वाला टैटू, सोशल मीडिया में तलाक तक के लग रहे कयास

बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान की हाल ही में एक तस्वीर पर चर्चाएँ चालू हो गई हैं। सैफ अली खान की मुम्बई एयरपोर्ट से सामने आई एक तस्वीर पर कहा गया कि उन्होंने अपनी पत्नी कपूर खान के नाम का टैटू कवर करवा दिया है। करीना का नाम ना दिखने को लेकर कई तरह की चर्चाएँ तेज हो गई हैं।

मुंबई एयरपोर्ट से सामने आई एक तस्वीर में दिखता है कि सैफ अली खान के हाथ पर पहले हिंदी में लिखा हुआ ‘करीना’ का टैटू अब नहीं दिख रहा है। इस पर करीना की जगह अब एक नई आकृति बनी है और करीना नाम नहीं दिख रहा है। इसको लेकर लोगों ने सोशल मीडिया पर तरह तरह की टिप्पणियाँ की।

एक यूजर ने इन्स्टाग्राम पर लिखा, “वाइफ भी चेंज होगी।”

एक और यूजर ने लिखा, “अभी टैटू बदला है अब घरवाली बदलेगा”

एक और यूजर ने लिखा, “अब किसी और शिकार के चक्कर में होगा।”

एक और यूजर ने करीना और सैफ के बीच तलाक के कयास भी लगाए।

एक यूजर ने लिखा कि तीसरी बीवी आने वाली है, इसलिए हटवा दिया।

एक और यूजर ने लिखा, “हो गया काम तीसरी बीवी आने वाली है।”

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सैफ अली खान ने यह टैटू 2008 में ही बनवा लिया था। यह टैटू तब से बना हुआ था। सैफ ने इस टैटू को लेकर कहा था, “मैं कहना चाहता था, ‘देखिए, मैंने यही किया है और यह एक बहुत गंभीर कमिटमेंट है। जब भी आप मुझे ‘कैसानोवा’ कहेंगे तो मैं इसे आपको दिखा सकता हूँ, ‘लेकिन मैंने पहले ऐसा नहीं किया है।”

हालाँकि, अब इसे सैफ अली खान ने क्यों कवर करवाया है, इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी बताया गया है कि इससे पहले भी कुछ फिल्मों के लिए सैफ अली खान इस टैटू को कवर करवा चुके हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -