Wednesday, April 14, 2021

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कानून व्यवस्था

लव जिहाद के बाद बुजुर्ग माता-पिता को सताने, संपत्ति हड़पने वाले बच्चों के खिलाफ योगी सरकार सख्त: जल्द लागू होगा कानून

अध्यादेश के पास होने के बाद बुजुर्ग माँ-बाप बच्चों की सेवा न करने वालों बच्चों को प्रॉपर्टी से ही बेदखल कर दिया जाएगा। वे किसी प्रकार का दुर्व्यवहार माँ-बाप से नहीं कर पाएँगे।

नए कृषि कानून से खुश एमपी और राजस्थान के किसान, कहा- प्रदर्शनकारियों को बरगला और उकसा रहे विपक्षी नेता

एमपी ही नहीं राजस्थान के किसान भी पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के प्रदर्शनकारियों द्वारा दिल्ली के आसपास हो रहे विरोध प्रदर्शनों में शामिल नहीं हुए हैं। राजस्थान के एक किसान ने नए कृषि कानूनों को लाने के लिए पीएम मोदी को बहुत धन्यवाद दिया।

ऐसे नज़र आते हैं गैंगेस्टर विकास दुबे के सहयोगी, पुलिस ने जारी किया पोस्टर, सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर

पुलिस ने कुल 15 ऐसे लोगों का पोस्टर जारी है जिन पर विकास दुबे की मदद करने का संदेह हैl पोस्टर में उन सभी सहयोगियों का नाम भी साफ़ तौर पर लिखा हैl

बिहार सिपाही परीक्षा की 10 तस्वीरें… कुछ भी ठीके नहीं है नीतीश कुमार, चरमरा गया है बिहार!

हाजीपुर स्टेशन से गुजर रही राजधानी एक्सप्रेस पर भी अभ्यर्थियों का ग़ुस्सा फूटा। इस दौरान उन्होंने ट्रेन पर जमकर पत्थरबाज़ी की। इससे ट्रेन के शीशे टूट गए और उसमें सवार यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

बलात्कारी कहकर गोली मारने Vs न्यायिक प्रक्रिया के त्वरित होने Vs ‘बनाना रिपब्लिक’ में फर्क होता है

अगर सिर्फ आरोप के आधार पर किसी को बलात्कारी कहकर गोली मारने का जोश थोड़ा कम हो गया हो तो सोचिएगा। न्यायिक प्रक्रिया के त्वरित होने, और ‘बनाना रिपब्लिक’ होने में फर्क तो होता है ना?

Video: महिला IPS अधिकारी मोनिका भारद्वाज से वकीलों की भीड़ ने की थी बदसलूकी, जाँच के आदेश

महिला अधिकारी को बचाने के दौरान एक एसएचओ व कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। हमलावर के बारे में अभी कुछ नहीं पता चल सका है, इसकी जाँच जारी है। इस घटना को संज्ञान में लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयर पर्सन रेखा शर्मा ने जाँच की माँग की है।

वकीलों ने अदालत के लॉकअप में लगा दी आग, 100 बंदियों की जा सकती थी जान

यदि वकीलों ने लॉकअप को पहले तोड़ने की कोशिश की और उसमें असफ़ल रहने पर आगजनी का सहारा लिया, जैसा कि एडिशनल डीसीपी (नॉर्थ) का दावा है, तो यह निष्पक्ष और बेहद गंभीर जाँच का विषय होना चाहिए कि यह जेल तोड़ने का प्रयास महज़ गुस्से की अभिव्यक्ति था, या इसके पीछे कोई ठंडे दिमाग से बनाई गई योजना थी।

पुलिस कर्मियों की माँगें मानी गईं, धरना ख़त्म: वकीलों के समर्थन में AAP, कहा- दिल्ली पुलिस BJP की सशस्त्र सेना

पार्किंग विवाद को लेकर दिल्ली के तीस हज़ारी कोर्ट के बाहर वकीलों और पुलिस के बीच हिंसा हुई थी। एक पुलिस कार और 20 अन्य वाहनों को आग लगा दी गई थी। 2 पुलिस वालों को दिल्ली हाई कोर्ट ने सस्पेंड कर दिया था और न्यायिक जाँच के आदेश दे दिए थे।

कॉन्ग्रेस राज में कानून-व्यवस्था चौपट: एमपी में वर्दी वाले गुंडे, राजस्थान में गुंडों के डर से भागे पुलिसवाले

कटनी में एक आरएसएस प्रचारक को पुलिसकर्मियों ने जमकर पीटा और उनके कपड़े फाड़ दिए। घटना से नाराज बीजेपी के कार्यकर्ता थाने में धरने पर बैठ गए। मामले के तूल पकड़ने के बाद आरोपित थाना प्रभारी लाइन हाजिर कर दिए गए हैं।

जनता के लिए अलग और MLA के लिए अलग कानून! क्या सरकार भेजेगी अपने विधायक को जेल?

कानून के शासन और नैतिकता, मूल्यों, आदर्शों की बातें करने वाली योगी सरकार क्या जनता के लिए अलग और अपने विधायक के लिए अलग मापदंड अपनाएगी? नेताजी के लिए “भीड़” का समर्थन आएगा, इस डर से नेताजी को छोड़ा भी जा सकता है! या फिर नेताजी भी वैसे ही जेल जाएँगे जैसे इस मामले में कोई साधारण व्यक्ति गया होता?

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