विषय: जवाहरलाल नेहरू

The Hindu

गाँधी-नेहरू के बजाए The Hindu के मुहम्मद इक़बाल ने तलाश ली नए लोकसभा अध्यक्ष की जाति

...लेकिन 2019 के चुनावों के बाद से इन नमक-हराम मीडिया गिरोहों ने नेहरू को ऐसे निकाल फेंका है जैसे लोग चाय में से मक्खी को निकाल फेंकते हैं। मीडिया अब समझ गया है कि वो नेहरू को गन्ने की तरह गन्ने की मशीन में ठूँसकर जितना निचोड़ सकते थे, निचोड़ चुके हैं।
नेहरू-राजीव-राहुल गांधी

मिस्ट्रेसीकरण, ससुरालीकरण, राजनीतिकरण: दांडी यात्रा के बाद विन्ची-गाँधी यात्रा के 3 प्रमुख पड़ाव

जो मीडिया और क्रांतिजीव 5 साल तक मोदी की विदेश यात्राओं का लेखा-जोखा करते रहे, उन्हें नेहरू से लेकर राजीव गाँधी के भ्रमणों से रूबरू होना चाहिए, ताकि वो उसकी समीक्षा कर के बता सकें कि मिस्ट्रेसीकरण और ससुरालीकरण उनकी किसी विदेश नीति का हिस्सा थे?
जवाहर लाल नेहरू

राजीव ने ‘शाही छुट्टियों’ के लिए तो नेहरू ने लेडी माउंटबेटन के ‘सम्मान’ में किया था नेवी वॉरशिप का निजी उपयोग

निजी कारणों के लिए नौसेना की संपत्ति का उपयोग करने की परंपरा राजीव गाँधी द्वारा शुरू नहीं की गई थी। जवाहरलाल नेहरू ने इस पुश्तैनी परंपरा की शुरुआत की थी वो भी "आदमखोर" महिला मित्र एडविना माउंटबेटन के लिए।
दिग्विजय सिंह (साभार: DNA)

‘कॉन्ग्रेस में पढ़ने-लिखने वालों का अभाव’ – क्या दिग्विजय का इशारा राहुल गाँधी की ओर है?

"पंडित नेहरू के बाद से किसी कॉन्ग्रेसी ने बहुत ज्यादा ध्यान नहीं दिया है। पार्टी में लिखने-पढ़ने की, मतलब विचारों के आदान-प्रदान की परिपाटी ख़त्म हो गई है। आज भी सोच-विचार में मेरी पार्टी, भाकपा, माकपा, और यहाँ तक कि मार्क्सवादी-लेनिनवादी भाकपा (माले) से प्रेरणा लेती है।"
नेहरू आज जहाँ कहीं होंगे, मोदी से अपना यह मलाल मिटाने के लिए बहुत खुश होंगे

मोदी कर रहे नेहरू का सबसे बड़ा मलाल मिटाने की कोशिश, विपक्ष लगा रहा अड़ंगा: पूर्व कॉन्ग्रेस नेता

आरिफ मोहम्मद खान ने यह विश्वास जताया कि नेहरू आज जहाँ कहीं होंगे, मोदी से अपना यह मलाल मिटाने के लिए बहुत खुश होंगे।
नेहरू

नेहरू और भारत एक भैंस: श्वेत-धवल बगुलों के सरगना का सिलसिला बदस्तूर जारी

देश में गरीब हैं, गरीबी है। कैसे निपटा जाए इनसे… नेहरू ने कहा, लोड मत लो - 'गरीबी हटाओ' का नारा लगाओ और मस्त रहो। और आज जबकि 1969 में शुरू की गई इस योजना के 50 साल पूरे हो रहे हैं तब आपको मानना ही पड़ेगा कि नेहरू; राजकपूर से भी बड़े शो मैन और छलिया थे।
कॉन्ग्रेस प्रवक्ता पी सी चाको

पीसी चाको, कॉन्ग्रेस की चाटो! लटक कर झूलना ही बचा है अब राहुल गाँधी में

चाको और चाको टाइप्स चिरकुट लोग, भूल चुके हैं कि समय बदल गया है और गाँधी चालीसा का पाठ उन्हें सोनिया और राहुल की नज़र में तो 'अले मेला बच्चा' तक तो पहुँचा देगा लेकिन भारत की जनता से नहीं बचाएगा जिसने नेहरू और नकली गाँधियों के कुकर्मों को लगातार झेला है।
नेहरू चीन नीति

नेहरू ने जिस ड्रैगन को दूध पिलाया, आज वह भारत पर ही आग उगल रहा है

नेहरू ने सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता ठुकरा कर 'दोस्त' चीन का नाम सुझाया। सेनाधिकारियों ने चीन के मंसूबे बताए तो उल्टा उन्हें ही झिड़क दिया। अंबेडकर की बातों को नज़रअंदाज़ किया। सरदार पटेल की राय भी नहीं मानी। आज भारत उसके दंश झेल रहा।
जब नेहरू के विरोध के बावजूद संविधान सभा ने राजेंद्र प्रसाद को राष्ट्रपति चुना लिया

आज ही के दिन नेहरू के कड़े विरोध के बावजूद डॉ राजेंद्र प्रसाद देश के पहले राष्ट्रपति चुन लिए गए थे

अपने पत्र में डॉ प्रसाद ने नेहरू को अलोकतांत्रिक व्यक्ति बताया। नेहरू के पास पत्र भेजने से पहले राजेंद्र प्रसाद ने यह पत्र सरदार पटेल को दिखाया। पटेल ने डॉ प्रसाद को गुस्सा करने के बजाय पार्टी में अपनी बात रखने के लिए कहा।
जवाहरलाल नेहरू

फ़ैक्ट चेक: ‘कुम्भ स्नान’ वाली नेहरू की फोटो वायरल, लेकिन पत्रकार-फ़िल्मकार कापड़ी फैला रहे फ़र्ज़ी जानकारी!

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब विनोद कापड़ी को झूठ फैलाते हुए पकड़ा गया हो। इससे पहले, कापड़ी ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की हिंसा से संबंधित एक फ़ेक न्यूज़ फैलाई थी
सरदार पटेल

कश्मीर ही नहीं सिक्किम पर भी नेहरू की नीति अस्पष्ट थी: विकिलीक्स

सिक्किम राज्य के भारत में विलय की कहानी बहुत ही रोचक है लेकिन इस पर बहस होनी जरूरी है कि क्या नेहरू ने पटेल की बात न मान कर गलती की?

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