विषय: जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय

JNU हिंसा, जाँच समिति

JNU में 8500 में से 82% छात्रों ने बढ़ी हुई हॉस्टल फीस के साथ किया रजिस्ट्रेशन: VC जगदीश कुमार

वीसी जगदीश कुमार ने कहा था कि सभी स्कूलों और केंद्रों ने अपना टाइम टेबल घोषित कर दिया है और वे उन छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित करने पर काम कर रहे हैं, जो पिछला सेमेस्टर पास नहीं कर पाए थे। उन्होंने बताया था कि विश्वविद्यालय छात्रों के शैक्षणिक हितों को देखते हुए वह सभी कोशिशें कर रहा है जिससे कि छात्र अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
AMU में सीएए के ख़िलाफ विरोध मार्च निकालते शिक्षक (साभार-अमर उजाला)

AMU में छात्रों के ‘उपद्रव’ के बाद CAA विरोध के नाम पर शिक्षकों ने लगाए ‘आज़ादी के नारे’

यह उस आज़ादी की माँग है। जिसकी एक झलक पिछले दिनों जामिया और जेएनयू में प्रदर्शनकारियों के हाथों में पकड़े पोस्टरों में दिखाई दी थी। इस आज़ादी की माँग को उन शिक्षकों ने दोहराया है, जिनके ऊपर विश्वविद्यालय के छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की राह दिखाने की ज़िम्मेदारी है।
बीएचयू के वीसी के ख़िलाफ वाराणसी में लगे होर्डिंग

छात्रों ने कुलपति राकेश भटनागर पर लगाए धाँधली के गंभीर आरोप: शहर में लगे ‘BHU वीसी हिंदी विरोधी’ के पोस्टर

BHU के कुलपति राकेश भटनागर JNU के पूर्व प्रोफ़ेसर हैं। छात्रों ने आरोप लगाया है कि वीसी हिन्दी भाषी छात्रों के साथ भेदभाव कर रहे हैं। यहाँ तक कि भर्ती प्रक्रिया में वह अपने JNU के छात्रों को वरीयता दे रहे हैं। उन पर BHU का कुलपति रहते हुए अधिकांश नियुक्तियों में JNU, वामपंथ और अँग्रेजी को वरीयता देने जैसे कई गंभीर आरोप छात्रों ने पहले भी लगाए हैं।
वामपंथी छात्र

JNU के 65% छात्रों ने भर भी दी नई हॉस्टल फीस, इस मुद्दे पर महीनों से बवाल काट रहे हैं वामपंथी

"कैंपस के हॉस्टल में रहने वाले 65% से अधिक छात्रों ने अपने बकाया शुल्क का भुगतान कर दिया है। कुछ छात्र जो इस बीच अपने घर चले गए थे वे भी वापस कैंपस में लौट रहे हैं।”
आईशी घोष का फ़ाईल फ़ोटो

जामिया में CAA विरोध के बीच JNU छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष ने कहा- पीछे नहीं छोड़ सकते कश्मीर

हाल ही में मुंबई में हुए एक विरोध प्रदर्शन में एक लड़की द्वारा "फ्री कश्मीर" का पोस्टर लहराने पर उसके ख़िलाफ में केस दर्ज किया गया था। हालाँकि, बाद में जेएनयू छात्रों ने सफाई देते हुए कहा कि वो कश्मीर में फ्री इंटरनेट को लेकर लिखा गया था, लेकिन अब आइशी घोष खुद इसे लेकर खुलकर सामने आ गई हैं।
कोमल शर्मा

JNU हिंसा में नाम घसीटे जाने पर कोमल शर्मा ने की न्यूज़ चैनल के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत

कोमल शर्मा का आरोप है कि JNU में हुए हमले को लेकर चैनल ने उन्हें कथित तौर पर एक आरोपित के रूप में पेश करके बदनाम किया है। इसके साथ ही कोमल ने मीडिया संस्थानों और दिल्ली पुलिस को भी पत्र लिखकर इस मामले में ध्यान रखने को कहा है।
AMU अलीगढ़ में CAA के ख़िलाफ़ धरने पर बैठी छात्राएं

AMU के हिंसा करने वाले उपद्रवियों ने आम छात्रों को धमकाया, #BoycottExam के लिए बना रहे दबाव

जब तक CAA को खत्म नहीं किया जाएगा, तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। वहीं छात्र सहादत हुसैन ने पुलिस की कार्रवाई को निंदनीय बताया। इस दौरान छात्रों ने धरने पर AMU माँगे आजादी, JNU माँगे आजादी, संघवाद से आजादी जैसे नारे लगाए।
JNU

एक भी छात्र न हुआ तब भी दूँगा लेक्चर: आइशी घोष की क्लास बंद करने की धमकी पर JNU प्रोफेसर का बयान

JNUSU का कहना है कि वो JNU में तब तक कोई क्लास नहीं चलने देंगे जब तक वाइस चांसलर इस्तीफ़ा नहीं दे देते हैं। इसके जवाब में JNU के प्रोफेसर वैज्ञानिक आनंद रंगनाथन ने ट्वीट करते हुए कहा है कि अगर क्लास में एक भी विद्यार्थी न हुआ तब भी अपना लेक्चर देंगे।
अजीत भारती, अमनीष जांगिड़

प्रोफेसरों व वामपंथी छात्रों ने मिल कर किया प्रताड़ित: JNU के छात्र मनीष ने बताया कैसे ‘मीडिया’ भी है साज़िश में शामिल

ऑपइंडिया पर ABVP JNU के छात्र मनीष जांगिड़ का वो इंटरव्यू, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे साज़िश के तहत जेएनयू में हिंसा हुई और तुरंत कॉन्ग्रेस व वामपंथी नेता पहुँच गए। उन्होंने राहुल कँवल पर भी बड़ा आरोप लगाया। जेएनयू में कैसे वामपंथी गुंडों को बचाया जा रहा है, जानें मनीष के शब्दों में।
इंडिया टुडे

JNU छात्रसंघ उपाध्यक्ष के साथ कानाफूसी कर के क्या सेटिंग कर रही है इंडिया टुडे की पत्रकार, वीडियो वायरल

इस वीडियो में कुछ बातें जो इंडिया टुडे की रिपोर्टर को कहते सुनी जा सकती हैं, उनमें सर्वर और चेहरे पहचाने जाने के बारे में बातें हैं। युवक इंडिया टुडे की रिपोर्टर से कह रहा है कि CCTV चल नहीं रहा था तो चेहरा पहचान नहीं पाए लेकिन वीसी ने तो कहा सर्वर सेम है, और मेल जा रहे थे।
सूर्य प्रकाश, जेएनयू

‘मारो साले को’ – भीड़ में शामिल लड़की ने दिया आदेश और सब मुझ पर टूट पड़े: JNU का नेत्रहीन छात्र

आख़िर क्या कारण था कि एक संस्कृत विभाग में शोध करने वाले नेत्रहीन छात्र के कमरे में ही उग्र भीड़ ने उनकी जम कर पिटाई कर दी। भीड़ में से एक लड़की ने कहा- "मारो साले को" और रॉड लेकर वो पिल पड़े। जेएनयू हिंसा की कहानी, एक पीड़ित नेत्रहीन छात्र की जुबानी।
JNU

इंडिया टुडे का एक और झूठ: ‘जेम्स बॉन्ड पत्रकार’ ने लेफ्टिस्ट गुंडों को बचाने के लिए दिया JNU-सर्वर पर ‘ज्ञान’

तनुश्री पांडेय, जो कि इंडिया टुडे समूह की ही पत्रकार हैं, एक ट्वीट के साथ दावा करती हैं कि उन्होंने सूचना एवं संचार के सर्वर से भेजे गए ई-मेल्स को निकाल लिया है। ज्ञात हो कि JNU प्रशासन पहले ही बता चुका है कि यह सर्वर 4 जनवरी को लेफ्टिस्ट गुंडों द्वारा तोड़ दिया गया था।

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