जो बांग्लादेशी घुसपैठिए खुद कबूल कर रहे हैं कि वह अवैध रूप से भारत में घुसे। लेकिन यह वो बात है जिसे अल जजीरा, स्क्रॉल और द वायर जैसे मीडिया संस्थान जानबूझकर पर्दे के पीछे रखते हैं।
'द वायर' ने उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ से अधिक नाम कटने पर SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे और कहा था कि वोटरों के नाम कैसे कम हो गए। लेकिन आयोग ने इसका जवाब दिया है।
अस्थाई सीजफायर होते ही ईरान को विश्वगुरु साबित करने में जुट गईं। क्यों? क्योंकि तुम्हारा सहोदर पाकिस्तान वहाँ दलाली करने लगा था। बात अब उम्माह की हो गई है ना?
गंगा सबकी है ये बात सही है लेकिन यहाँ कुछ फेक न्यूज फैलाई जा रही है इसलिए सबसे पहले फैक्ट्स जानने जरूरी हैं। वाराणसी में जो हुआ वो मुस्लिम युवकों ने जानबूझकर किया।
नोएडा की सोसाइटी में मंदिर निर्माण की माँग पर प्रोपेगेंडा पत्रकार आरफा खानम ने 'मस्जिद कार्ड' और 'RSS-BJP' एंगल घुसाकर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की।