नोएडा की सोसाइटी में मंदिर निर्माण की माँग पर प्रोपेगेंडा पत्रकार आरफा खानम ने 'मस्जिद कार्ड' और 'RSS-BJP' एंगल घुसाकर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की।
'द वायर' की 'पत्रकार' आरफा खानम शेरवानी से दिल्ली आतंकी हमले को लेकर पूछे गए सवाल को उन्होंने 'मजेदार' बताकर टाल दिया। इससे लेफ्ट-लिबरल की मानसिकता उजागर हो गई।
'आई लव मोहम्मद' को देशभर में मजहबी उन्मादियों ने जंग का नारा बना दिया है। भीड़ इसे पत्थरबाजी, आगजनी, तोड़फोड़ के लिए इस्तेमाल कर रही है लेकिन आरफा खानम इस पर खामोश हैं।