Monday, January 24, 2022

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भारत पाक विभाजन

‘लड़कर लेंगे ​हिंदुस्तान’ कहने वालों को मोहन भागवत की दो टूक- ये 2021 है, 1947 नहीं: RSS प्रमुख ने उठाई ‘अखंड भारत’ की बात

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि भारत के विभाजन की पीड़ा का समाधान बँटवारे को निरस्त करना ही है।

क्यों जरूरी है विभाजन के दंश को याद करना, ‘योम हाशाह’ से सीखें हिन्दू: बाबरी का मातम मनाने वाले नहीं समझेंगे

कई देशों में 'National day of mourning', अर्थात शोक का दिवस मनाया जाता है। फिर भारत के हिन्दू/सिख अपने साथ हुई त्रासदी व इसके गुनहगारों को क्यों न याद करें?

कॉन्ग्रेस ने किया ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ का विरोध, पाकिस्तान क्या करेगा-क्या सोचेगा पर सीनियर नेता की हालत पतली

कॉन्ग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा कि अगर पाकिस्तान अगर 15 अगस्त को विभाजन विभीषिका निंदा दिवस के रूप में मनाए तब भारत क्या करेगा।

भारत-पाक विभाजन के लिए 10 दिन में राजी हुई थी कॉन्ग्रेस, पंडित नेहरू ने हाथ खड़ा करके दिया समर्थन, तस्वीर वायरल

ट्विटर पर शेयर की जा रही तस्वीर में बैकग्राउंड में जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गाँधी, डॉ राजेंद्र प्रसाद और गोविंद बल्लभ पंत नजर आ रहे हैं।

चीनियों पर किसने किया अत्याचार- OK, भारतीयों पर क्या-क्या जुल्म हुए- NOT OK: खूनी इतिहास को पढ़ना इसलिए जरूरी

प्रधानमंत्री का आज का वक्तव्य हमें आशावान बनाता है कि हम भविष्य में दशकों से प्रोपेगेंडा का हिस्सा रहीं कई और स्थापित धारणाओं और मान्यताओं को ध्वस्त होते हुए देखेंगे। 

बँटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता, 14 अगस्त को मनाया जाएगा ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’: PM मोदी का बड़ा ऐलान

भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान हमारे लोगों के संघर्ष और बलिदान की याद में 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मनाया जाएगा।

‘मैंने अपनी माँ और भाई को जिंदा जलते देखा’: विभाजन की वो कहानी जिससे आज भी काँपते हैं बेअंत सिंह

स्वतंत्रता विभाजन का दंश भी लेकर आया था। मेरठ के बेअंत सिंह तब केवल 11 साल के थे जब राव​लपिंडी में उनकी मॉं और भाई को जिंदा जला दिया गया था।

मुझे खुशी है कि भारत का बँटवारा हुआ, नहीं होता तो कई डायरेक्ट एक्शन डेज देखने पड़ते: कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता

“मुझे खुशी है कि भारत का बँटवारा हुआ क्योंकि अगर भारत का बँटवारा नहीं होता तो हमें कई 'डायरेक्ट एक्शन डेज' देखने पड़ते। ऐसी पहली कार्रवाई हमने जिन्ना के जीवित रहते 16 अगस्त 1946 को देखी थी, उस समय कलकत्ता में हजारों हिंदुओं को मार दिया गया था।"

विभाजन और पाकिस्तान में अल्पसंख्यक: कॉन्ग्रेस के लिए नेहरू और इतिहास से सीखने का वक्त

आज कॉन्ग्रेस CAA का विरोध कर रही है। इसका कोई आधार नहीं है। जरूरत है उसके नेता इतिहास को समझें। नेहरू मंत्रिमंडल में राहत और पुनर्वास के लिए अलग से मंत्रालय था। मोदी सरकार ने उसी प्रक्रिया का सरलीकरण किया है।

जिन्ना की वारिस, कॉन्ग्रेस की संगिनी ‘हरा वायरस’ मुस्लिम लीग ने नागरिकता बिल-2019 को दी चुनौती

योगी आदित्यनाथ ने कह दिया कि कॉन्ग्रेस 'हरे वायरस' की चपेट में आ कर विलुप्त हो गई है, तो इस पर मुस्लिम लीग नाराज़ हो गई थी।

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