सुप्रीम कोर्ट की 9 सदस्यीय खंडपीठ ने सबरीमाला मामले की सुनवाई करते हुए अहम टिप्पणी की है। कोर्ट का कहना है कि सामाजिक सुधार के नाम पर धर्म को खोखला नहीं किया जा सकता।
गिरनार का रहस्य चमत्कारों की कहानी नहीं, बल्कि आत्म-साक्षात्कार की यात्रा है। यहाँ सिद्धि का अर्थ किसी अलौकिक शक्ति से नहीं, बल्कि अपने भीतर की पहचान से है।