इस्लामी कट्टरपंथी Alt News जैसे वामपंथी झुकाव वाले पोर्टल को फंड न देने की माँग कर रहे हैं क्योंकि इसके फाउंडर प्रतीक सिन्हा ने भारत के इस्लामी कट्टरपंथियों की आलोचना कर दी।
फिल्म के टीजर से लगता है कि निर्माता एक ब्राह्मण लड़की को दिखाना चाहते हैं जो समाज और परिवार से विद्रोह करती है और शराब तथा सेक्स को इसका जरिया बनाती है।
इस्लामवादियों के अलावा शहजाद पूनावाला के पोस्ट पर सेकुलर गैंग भी उन्हें ज्ञान देने में लगी है। उन्हें अपशब्द लिखकर कहा जा रहा है कि जो अपने मजहब के नहीं हुए तो हिंदू धर्म के क्या होंगे।
स्कूल, कॉलेजों में लड़कियों को यूनिफॉर्म की जगह बुर्का पहनाने की माँग करने वाली फर्जी फेमिनिस्टों को करवा चौथ त्योहार का मनाया जाना महिलाओं का शोषण लगता है...
सबा नकवी की समस्या ये है कि मीडिया में क्यों मुस्लिम दोषियों का नाम उजागर किया गया और योगेंद्र यादव की दिक्कत ये है कि क्यों उनका नाम फ्रंट पेज पर छापा गया।