विषय: वामपंथी

Free Kashmir, Kashmiri Pandit

‘फ्री कश्मीर’ की चाह लिए वामपंथी गुंडे हिंदू कॉलेज की दीपिका को दे रहे धमकी

अपनी प्रोफाइल में SFI से ताल्लुक बताने वाला हिमांशु सिंह और अभिराम, अगर कश्मीरी हिन्दुओं के साथ खड़े हैं तो वो फ्री कश्मीर के पोस्ट को ‘दिल’ क्यों दे रहे हैं? अगर वो दीपिका की श्रद्धांजलि सभा में शांति बना कर कुछ मिनट सुन लेते तो क्या वो खड़ा रहना नहीं कहलाता? दरअसल वामपंथी गुंडों का सारा अजेंडा बाहर आ चुका है और...
लेफ्ट लिबरल

चेहरे पर नकाब, होंठों पर आजादी के नारे, जॉइंट फूँककर हवा में उड़ता है अपना ‘काम’रेड KK

जब से क्रांति कुमार उर्फ़ केके दिल्ली के मशहूर 'विष-विद्यालय' से अपनी सदियों से चली आ रही पीएचडी पूरी कर गाँव लौटा था, तब से वो बुझा-बुझा सा रहने लगा था। गाँव में न गंगा ढाबा का सस्ता किन्तु लजीज खाना था, ना ही सस्ते हॉस्टल और ना ही ढपली बजाने के लिए किसी तरह की कोई सब्सिडी।
दीपिका शर्मा

हिंदू कॉलेज में कश्मीरी पंडितों का दर्द बयाँ कर रही थी दीपिका, टूट पड़े वामपंथी गुंडे

दीपिका को चुप कराने के लिए जब इस्लामिक नारे लगाए गए, तब वह अपनी सीनियर रहीं आकृति रैना का पत्र पढ़ रही थीं। हिंदू कॉलेज में राजनीति विज्ञान की छात्रा रहीं आकृति ने पत्र में अपने ही परिवार के विस्थापन की कहानी लिखी थी।
जेएनयू सर्वर रूम

JNU के सर्वर रूम में हुई थी तोड़फोड़, FIR भी दर्ज हुई थी: RTI के नाम पर प्रपंच फैला रहे हैं वामपंथी

जेएनयू ने कहा है कि आरटीआई में एक 'ख़ास जगह' को लेकर जानकारी माँगी गई थी। अब जेएनयू ने इस आरटीआई के जवाब को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। जेएनयू ने कहा है कि आरटीआई में किसी 'स्पेसिफिक लोकेशन' के लिए जानकारी माँगी गई थी।
वाज़ूर NSS कॉलेज

केरल में ABVP की बढ़ती लोकप्रियता से कुढ़े SFI के गुंडों ने किया छात्रों पर जानलेवा हमला

केरल के वज़ूर NSS कॉलेज में वामपंथी गुंडागर्दी और आतंक के लिए कुख्यात SFI ने ABVP कार्यकर्ताओं पर कायराना हमला किया है। वामपंथी गुट SFI की निरंतर चली आ रही ऐसी हरकतों की वजह से कैम्पस में लगातार माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
कोमल शर्मा

JNU हिंसा में नाम घसीटे जाने पर कोमल शर्मा ने की न्यूज़ चैनल के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत

कोमल शर्मा का आरोप है कि JNU में हुए हमले को लेकर चैनल ने उन्हें कथित तौर पर एक आरोपित के रूप में पेश करके बदनाम किया है। इसके साथ ही कोमल ने मीडिया संस्थानों और दिल्ली पुलिस को भी पत्र लिखकर इस मामले में ध्यान रखने को कहा है।
JNU

एक भी छात्र न हुआ तब भी दूँगा लेक्चर: आइशी घोष की क्लास बंद करने की धमकी पर JNU प्रोफेसर का बयान

JNUSU का कहना है कि वो JNU में तब तक कोई क्लास नहीं चलने देंगे जब तक वाइस चांसलर इस्तीफ़ा नहीं दे देते हैं। इसके जवाब में JNU के प्रोफेसर वैज्ञानिक आनंद रंगनाथन ने ट्वीट करते हुए कहा है कि अगर क्लास में एक भी विद्यार्थी न हुआ तब भी अपना लेक्चर देंगे।
अजीत भारती, अमनीष जांगिड़

प्रोफेसरों व वामपंथी छात्रों ने मिल कर किया प्रताड़ित: JNU के छात्र मनीष ने बताया कैसे ‘मीडिया’ भी है साज़िश में शामिल

ऑपइंडिया पर ABVP JNU के छात्र मनीष जांगिड़ का वो इंटरव्यू, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे साज़िश के तहत जेएनयू में हिंसा हुई और तुरंत कॉन्ग्रेस व वामपंथी नेता पहुँच गए। उन्होंने राहुल कँवल पर भी बड़ा आरोप लगाया। जेएनयू में कैसे वामपंथी गुंडों को बचाया जा रहा है, जानें मनीष के शब्दों में।
इंडिया टुडे, राहुल कँवल

फ़र्ज़ी स्टिंग वाली ‘इंडिया टुडे’ के झूठ का वजन भारी हो गया है, सवालों से कब तक भागते फिरेंगे कँवल?

साबित हो चुका है कि अक्षत ABVP का कार्यकर्ता नहीं। 'इंडिया टुडे' की पत्रकार वामपंथियों के साथ कानाफूसी और सेटिंग करते देखी गईं। कँवल की थेथरई का आलम ये है कि वो सीधा कह रहे कि वो सवालों के जवाब नहीं देंगे। फ़र्ज़ी स्टिंग को 'पाथ ब्रेकिंग' बताने के पीछे का सच।

‘The Wire’ की पत्रकार आरफा खानम को लोगों ने समझाया जर्मनी-भारत का फर्क, कहा- हिटलर के विरोध के बाद…

“1930 के नाजी जर्मनी और वर्तमान समय के भारत के बीच क्या अंतर है?” 'The Wire' की पत्रकार आरफा खानम शेरवानी ने ट्विटर पर पूछा ये सवाल तो सोशल मीडिया यूजर ने उन्हें ठीक से समझाया, यहाँ पढ़ें कुछ जवाब....
इंडिया टुडे पत्रकार तनुश्री पांडेय

रिपब्लिक के पत्रकार के साथ धक्का-मुक्की कर चुकी है वामपंथियों को कोचिंग देने वाली ‘इंडिया टुडे’ की तनुश्री

'इंडिया टुडे' की पत्रकार तनुश्री पांडेय वामपंथी छात्रों के साथ खुसुर-पुसुर करते हुए दिखी थीं। उन्होंने छात्रों को सिखाया था कि उन्हें कैमरे के सामने क्या बोलना है? इसी तनुश्री ने नवंबर 2019 में वामपंथियों के साथ मिल कर रिपब्लिक, ज़ी न्यूज़ और सुदर्शन चैनल के पत्रकारों के साथ बदतमीजी की थी।
सूर्य प्रकाश, जेएनयू

‘मारो साले को’ – भीड़ में शामिल लड़की ने दिया आदेश और सब मुझ पर टूट पड़े: JNU का नेत्रहीन छात्र

आख़िर क्या कारण था कि एक संस्कृत विभाग में शोध करने वाले नेत्रहीन छात्र के कमरे में ही उग्र भीड़ ने उनकी जम कर पिटाई कर दी। भीड़ में से एक लड़की ने कहा- "मारो साले को" और रॉड लेकर वो पिल पड़े। जेएनयू हिंसा की कहानी, एक पीड़ित नेत्रहीन छात्र की जुबानी।

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