ब्रिटेन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर हो रहा विरोध प्रदर्शन स्वाभाविक नहीं हैं। 'द वायर' के प्रोपेगेंडा में फँसने से पहले भीड़ कैसे जुट रही है, इसे भी समझना जरूरी है।
सोनम वांगचुक के अस्पताल जाते ही CJP के मंच पर अब 'डफलीबाज गैंग' का कब्जा हो गया है। AISA के नेहा बोरा और उसके साथी बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले पुराने 'आंदोलनकारी' रहे हैं।
पीएम मोदी को सेशेल्स दौरे के दौरान देश के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया। ये पुरस्कार सबसे पहले पीएम मोदी को दिया गया है। लेकिन भारत में ही इस पर सवाल उठाने लगे हैं।
पाकिस्तान के खैबर पख्तुनख्वां गुरुद्वारे में घुस कर सेवक दंपति की हत्या के बाद अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का सवाल एक बार फिर उठ गया है, लेकिन वामपंथी लिबरल इस पर चुप है।
तुम्हारे (मुस्लिम) 'मर्द' 'हैंडसम' और 'खूबसूरती' नहीं है आरफा और निवेदिता, वे महिलाओं को सुरमा लगाकर नहीं फँसाते बल्कि माथे पर टीका और हाथ में कलावा पहनकर आते हैं।