पाकिस्तान के रावलपिंडी शहर में हाल ही में एक हिन्दू मंदिर पर हमला किया गया और उसमें आग लगाने का भी प्रयास किया गया। रावलपिंडी में शनिवार की रात को ‘पुराना किला माता मंदिर’ में लगभग एक दर्जन की संख्या में युवकों ने हमला कर दिया।
विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में मुस्लिम समुदाय के दो कर्मियों की नियुक्ति लंगर सेवादार के रूप में करने पर हिमगिरी हिंदू महासभा उग्र हो गई है और इसका पुरजोर विरोध कर रही है।
डासना शिव मंदिर में असलम चौधरी और मुस्लिम संगठनों की धमकी की प्रतिक्रिया में हिंदू युवा वाहिनी ने उत्तराखंड के 150 मंदिरों पर बैनर लगाकर कहा है कि यहाँ गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबन्ध है।
“भले ही आप लोग 90% से ऊपर होंगे किन्तु विधायक असलम जी डासना के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती जी के पवित्र स्थल पर कोई दुस्साहस मत कर बैठना। जनता ने आपको विकास व सुरक्षा के लिए चुना है, धौंस, धमकी या दंगे के लिए नहीं।”
हिन्दुओं का कहना है कि उनका उत्पीड़न हो रहा है और अपने ही गाँव में उनकी नाकाबंदी कर दी गई है। एक बुजुर्ग ने बताया कि ये हिन्दुओं की जमीन है जहाँ सावन में मेला लगता था और पूजा होती थी।