Wednesday, July 28, 2021
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जशोरेश्वरी काली मंदिर में PM मोदी ने की पूजा, नवरात्रि में माँ काली के मेला के लिए भारत सरकार बनाएगी कम्युनिटी हॉल

जशोरेश्वरी काली मंदिर 51 शक्तिपीठ में से एक शक्तिपीठ है। यहाँ देवी सती की हथेलियाँ गिरी थीं। यहाँ नवरात्रि में माँ काली का मेला लगता है, भक्तों के लिए भारत सरकार यहाँ एक कम्युनिटी हॉल बनवाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश दौरे का शनिवार (मार्च 27, 2021) को दूसरा दिन है। अपने दौरे के दूसरे दिन सबसे पहले PM मोदी दक्षिण-पूर्व सतखिरा स्थित जेशोरेश्वरी काली मंदिर पहुँचे, यहाँ उन्होंने पूजा-अर्चना की। इसे 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है।

बांग्लादेश के सतखीरा में स्थित मशहूर जशोरेश्वरी काली मंदिर 51 शक्तिपीठ में से एक सुगंधा शक्तिपीठ है। बताया जाता है यहाँ देवी सती की हथेलियाँ गिरी थीं। इसके बाद एक ब्राह्मण ने यहाँ मंदिर का निर्माण कराया था। ये मंदिर करीब 400 साल पुराना बताया जाता है। पीएम मोदी ने यहाँ माँ काली को हाथ से निर्मित मुकुट पहनाया, उनके चरणों में साड़ी भेंट की। इसके बाद मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की। यह मुकुट चाँदी से बना है, जिस पर सोने की परत चढ़ाई गई है।

उन्होंने कहा, “मैंने कामना की कि माँ काली दुनिया को कोरोना के संकट से मुक्ति दिलाएँ। मेरी कोशिश रहती है कि मौका मिले तो इन 51 शक्तिपीठों में जाकर माथा टेकूँ। मैंने सुना है कि यहाँ नवरात्रि में जब माँ काली का मेला लगता है, तो सीमा के इस पार से भी बड़ी तादाद में भक्त यहाँ आते हैं। यहाँ एक कम्युनिटी हॉल की आवश्यकता है। यह भक्तों के लिए और आपदा के समय लोगों के लिए शरणस्थल का काम करे। भारत सरकार यह कम्युनिटी हॉल बनवाएगी।”

जेशोरेश्वरी मंदिर में पूजा अर्चना के बाद लोगों को संदेश देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आने वाले कुछ दिनो में चैत्री नवरात्र का प्रारंभ होगा। पूर्व 51 शक्तितपीठ में से एक माँ काली के चरणो में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। आज माँ काली के चरणों आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला है।”

पीएम मोदी ने इसके साथ ही कहा, “आज मानवजाति कोरोना के कारण सकंट से गुजर रही हैं। माँ से यही प्रार्थना है मानवजाति को कोरोना से जल्द से जल्द मुक्ति दिलाए।” प्रधानमंत्री ने कहा कि सर्वेभवन्तो जिस मंत्र को जिया है, वसुधैव कुटंबकम हमारी विरासत, पूरी मानव कल्याण के लिये प्रार्थना करते हैं। पूरे देश के कल्याण मानवजात की कल्याण की प्रार्थना करता हूँ।

पीएम मोदी ने इसके साथ ही कहा, “माँ काली का मेला लगता है, जिसमें सीमा पार से लोग आते हैं। यहाँ मल्टीपरपस कम्युनिटी हाल की आवश्यकता है। कोई काली पूजा के समय आए तो उनके उपयोग में आए। यहाँ के समाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक प्रोग्राम, आपदा, साइक्लोन के समय हर किसी के शेल्टर का स्थान बने। इस हेतु से भारत सरकार यहाँ ये कल्याण कार्य करेगी।” इसके लिए उन्होंने बांग्लादेश सरकार का भी आभार व्यक्त किया।

पीएम मोदी के तय कार्यक्रम के मुताबिक, वे ओराकंडी मंदिर भी जाएँगे। ओराकांडी वहीं जगह है, जहां मतुआ समुदाय के संस्थापक हरिशचंद्र ठाकुर का जन्म हुआ था। मतुआ समुदाय बंगाल चुनाव के लिहाज से भी काफी मायने रखता है। इसके बाद पीएम राष्ट्रपिता बागाबंधु शेख मुजिबुर रहमान के स्मारक पर भी पहुँचेंगे। पीएम मोदी के आगमन को लेकर मंदिर भव्य तरीके से सजाया गया है।

इसके बाद पीएम गोपालगंज जिले के तुंगीपारा में राष्ट्रबंधु के पिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की स्मारक पर भी जाएँगे। यह बांग्लादेश की प्रधानमंत्री हसीना का पैतृक गाँव है। यहाँ बने स्मारक में यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा है। इससे पहले बांग्लादेश के 50वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यात्रा के पहले दिन शुक्रवार (मार्च 26, 2021) को प्रधानमंत्री मोदी ने राजनेताओं से मुलाकात की थी।

मोदी के दौरे से पहले ही हुआ जीर्णोद्धार

बांग्लादेश सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से पहले ही जशोरेश्वरी मंदिर का जीर्णोद्धार किया है। बांग्लादेश के लिए रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया था कि वे प्राचीन जशोरेश्वरी काली मंदिर में देवी काली की पूजा करने के लिए काफी उत्साहित हैं।

मतुआ समुदाय के सबसे बड़े तीर्थ स्थल जाएँगे

प्रधानमंत्री मोदी ओरकांडी में मतुआ समुदाय के सबसे बड़े तीर्थ स्थल ठाकुरबाड़ी में करीब 300 मतुआ धर्म प्रचारकों को संबोधित भी करेंगे। इसके बाद मोदी अपने समकक्ष शेख हसीना के साथ वार्ता करेंगे। इसके बाद वे बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हमीद से भी मुलाकात करेंगे।

कोरोना के चलते साल 2020 में यात्रा रद्द की गई थी

बीते साल कोरोना संक्रमण के शुरुआत के बाद PM की जो विदेश यात्रा मार्च 2020 में रद्द की गई थी वो बांग्लादेश की ही थी। PM मोदी को शेख मुजीबुर रहमान जन्मशती कार्यक्रम में शरीक होने के लिए पहले 17 मार्च 2020 को बांग्लादेश की यात्रा करनी थी। हालांकि, कोविड-19 महामारी के बीच अपनी विदेश यात्राओं का सिलसिला शुरू करने के लिए उन्होंने पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश को ही चुना।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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