ये बात भी गौर करने वाली है कि कॉन्ग्रेस का लाया ये एक्ट सिर्फ कर्नाटक के साथ साथ हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना जैसे कॉन्ग्रेस शासित राज्यों तक भी पहुँच सकता है।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने आरोपित पिता को बरी करने के निचले आदेश को बरकरार रखा है। कोर्ट का मानना है कि पत्नी ने बच्ची को सिखाया और पति के खिलाफ बयान दर्ज करवाया