Tuesday, June 18, 2024
Homeराजनीतिछत्तीसगढ़ में कांग्रेस की आसान जीत, माया-जोगी ने बिगाड़ा भाजपा का खेल

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की आसान जीत, माया-जोगी ने बिगाड़ा भाजपा का खेल

विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गाँधी के किसानों की कर्जमाफी के वादे और जोगी-माया के गठबंधन ने भाजपा की हार में प्रमुख भूमिका निभाई।

छत्तीसगढ़ चुनाव के परिणाम आ गये हैं और कांग्रेस वहां बहुमत के लिए जरूरी 46 सीटों के आंकड़े से काफी आगे निकल गई है। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर आये नतीजों के अनुसार कांग्रेस ने कुल 68 सीटों पर जीत का परचम लहराया है वहीं भाजपा के हाथ महज 15 सीटें ही आई। ताजा ख़बरों के अनुसार मुख्यमंत्री रमण सिंह ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा भी सौंप दिया है। हलांकि नई सरकार के शपथग्रहण तक वो मुख्यमंत्री का कार्यभार सम्भालते रहेंगे। बता दें कि डॉक्टर रमण सिंह भाजपा के सबसे लम्बे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री हैं। अपने 15 वर्षों के शासनकाल में लोक-लुभावन योजनाओं के कारण उन्हें छत्तीसगढ़ के लोग “चावल वाले बाबा” और “मोबाइल वाले बाबा” भी कहते हैं।

भाजपा के उलट कांग्रेस बिना किसी सीएम उम्मीदवार के चुनाव में उतरी थी. राहुल गाँधी ने धुआंधार प्रचार में किसानों की कर्जमाफी का वायदा भी किया था। विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गाँधी के हर भाषण में इस मुद्दे को उठाना और रमण सिंह का इसे मजाक में लेना भाजपा को भारी पड़ गया। अपनी हार स्वीकारते हुए डॉक्टर रमण सिंह ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव मेरी अगुवाई में लड़ा गया था, इसलिए हार की जिम्मेदारी भी मैं लेता हूं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन चुनाव में जब हमारी जीत हुई थी, तो जीत का श्रेय भी मुझे ही मिला था इसलिए अब हारे हैं तो उसकी जिम्मेदारी भी मैं लेता हूं।

वहीं अगर वोट शेयर की बात करें तो कांग्रेस को कुल 43% वोट मिले हैं तो भाजपा के खाते में 33% मत आये। ये जानने लायक बात है कि चुनाव से पहले अजीत जोगी की जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ और मायावती की बहुजन समाज पार्टी ने गठबंधन किया था। जेसीसी को कुल पांच सीटें आई और बसपा ने दो सीटों पर जीत दर्ज की। दोनों पार्टियों का संयुक्त वोट शेयर 11.5% के आसपास रहा। कई विश्लेषकों ने इस इस गठबंधन को भी भाजपा की हार के पीछे रही प्रमुख कारणों में से एक गिनाया है क्योंकि अगर भाजपा और कांग्रेस के मत प्रतिशत के बीच के अंतर को देखें तो वो जोगी-माया को मिले मत प्रतिशत के लगभग बराबर ही है।

छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा सीटों के लिए दो फेज में 12 नवंबर और 20 नवंबर को मतदान हुए थे जिसमे लगभग 76% वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘माँ गंगा ने मुझे गोद ले लिया है, मैं काशी का हो गया हूँ’: 9 करोड़ किसानों के खाते में पहुँचे ₹20000 करोड़, 3...

"गरीब परिवारों के लिए 3 करोड़ नए घर बनाने हों या फिर पीएम किसान सम्मान निधि को आगे बढ़ाना हो - ये फैसले करोड़ों-करोड़ों लोगों की मदद करेंगे।"

दलितों का गाँव सूना, भगवा झंडा लगाने पर महिला का घर तोड़ा… पूर्व DGP ने दिखाया ममता बनर्जी के भतीजे के क्षेत्र का हाल,...

दलित महिला की दुकान को तोड़ दिया गया, क्योंकि उसके बेटे ने पंचायत चुनाव में भाजपा की तरफ से चुनाव लड़ा था। पश्चिम बंगाल में भयावह हालात।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -