वायनाड में 200 से अधिक मौसम निगरानी यूनिट चलाने वाले ह्यूम सेंटर फॉर इकोलॉजी एंड वाइल्डलाइफ बायोलॉजी ने भूस्खलन से दो दिन पहले ही चेतावनी दी थी। इसने उन इलाकों में विशेष रूप से खतरा बताया था जहाँ बाद में यह आपदा आई।
बुधवार को हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और मंडी जिलों में बादल फट गए। इस कारण कई इमारतें जमींदोज हो गई जबकि कई जगह सड़क भी टूट गई। 19 लोगों के लापता होने की भी सूचना है।
साइरो मालाबार चर्च ने इसे ईसाई संस्थानों में मजहबी दखल का नाम दिया है। साइरो मालाबार चर्च की पब्लिक अफेयर्स कमिटी ने कहा है कि ईसाई संस्थानों में मजहबी दखल के प्रयासों का विरोध किया जाएगा।