महुआ मोइत्रा सहित TMC की 11 महिला सांसद हैं लोकसभा में, राज्यसभा में सागरिका घोष हैं - लेकिन, रेप-हत्या के मामले न्याय दिलाने की जगह ये सवाल पूछने वालों को ब्लॉक करने में लगी हैं।
पीड़ित परिवार ने कहा कि उन्हें अस्पताल के बाहर ही रोके रखा गया और सिर्फ पिता को ही तीन घंटे बाद अंदर ले जाया गया, जहाँ उन्हें एक सिर्फ तस्वीर ही खींचने दी गई।
हाई कोर्ट ने कहा कि प्रिंसिपल से पूछताछ की जानी चाहिए, साथ ही सवाल भी उठाया कि कैसे उन्हें दूसरे मेडिकल कॉलेज में वही पद दे दिया गया, जबकि उन्होंने इस्तीफा दिया है।
रिपोर्ट में कहा गया है, "उसकी दोनों आँखों और मुँह से खून बह रहा था, चेहरे और नाखून पर चोटें थीं। पीड़िता के निजी अंगों से भी खून बह रहा था। उसके पेट, बाएँ पैर…गर्दन, दाएँ हाथ और…होंठों पर भी चोटें थीं।"