अजय राय पीएम मोदी की आलोचना करते-करते पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तारीफ कर बैठे। उन्होंने वाजपेयी को बड़े हृदय के व्यक्ति बताते हुए कहा कि वो हर किसी को साथ लेकर चलते थे।
जिस दिन किसी लोकसभा सीट पर मतदान होता है, तो उस दिन उस लोकसभा क्षेत्र में वहाँ के स्थाई निवासी के अलावा कोई बाहरी नहीं रह सकता है। यानी कानूनी रुप से मतदान वाले दिन सिर्फ उसी लोकसभा क्षेत्र का स्थाई निवासी वहाँ रह सकता है और पीएम मोदी तो बनारस के स्थायी निवासी हैं नहीं, तो जाहिर सी बात है कि वो यहाँ पर क्यों आएँगे?
पीएम मोदी ने खुद इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “टाइम मैगजीन विदेशी है, लेखक खुद कह चुका है कि वह पाकिस्तान के एक राजनीतिक परिवार से आता है। यह उसकी विश्वसनीयता बताने के लिए काफी है।”
विपक्ष की यह पुरज़ोर कोशिश रहती है कि पीएम मोदी द्वारा दिए गए साक्षात्कार में उन्हें किस तरह से बेवजह के मुद्दों पर घेरा जा सके। इनमें कुछ मीडिया संस्थान और मीडियाकर्मी भी शामिल हैं जिन्हें दुष्प्रचार करने में महारत प्राप्त है।
शाह ने कहा कि बीजेपी 300 से ज्यादा सीटें जीतेगी और केंद्र में एनडीए की सरकार बनेगी। इसके साथ ही अमित शाह ने दावा किया कि 2014 में जिन 120 सीटों पर BJP नहीं जीती थी, उनमें से 80 सीटों पर उनकी जीत होगी।
अनिल सौमित्र ने अपने फेसबुक पोस्ट में विवादित टिप्पणी करते हुए कहा था, “महात्मा गाँधी राष्ट्रपिता थे, लेकिन पाकिस्तान राष्ट्र के। भारत राष्ट्र में तो उनके जैसे करोड़ों पुत्र हुए। कुछ लायक तो कुछ नालायक।”
उन्होंने मायावती के द्वारा भाजपा को मनुवादी बोलने पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि भाजपा मुनुवादी थी तो उन्होंने पार्टी का समर्थन लेकर सरकार क्यों बनाई? उस समय उन्हें सत्ता सुख चाहिए था, तो भाजपा मनुवादी नहीं थी। 2014 में जब लोकसभा चुनाव में वो जीरो पर आ गईं, तो भाजपा पर हमलावर हो गई हैं।
नवीन पटनायक ने इस पत्र में ओडिशा में हुए नुकसान का जिक्र करते हुए पुनर्वास के लिए केंद्र से मदद का अनुरोध किया है। उन्होंने चक्रवात से प्रभावित लोगों के लिए प्रधान मंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत 5 लाख घर बनाए जाने की माँग की है।
लोकसभा चुनाव 2019 के अंतिम चरण में बशीरघाट में मतदान होगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि बशीरघाट में 50 फ़ीसदी से अधिक लोग मुस्लिम हैं, पिछले साल वहाँ 2 बार साम्प्रदायिक हिंसा की घटनाएँ हो चुकी हैं।
NDTV के हठी पत्रकार को जब अपने इस सवाल का जवाब नहीं मिला तो वो राहुल गाँधी की गाड़ी के पास जा पहुँचा और राहुल गाँधी से शिकायती अंदाज़ में पूछा, “आपने जवाब नहीं दिया, समोसा कैसा था?” लेकिन, इस बार पत्रकार महोदय को जवाब मिल जाता है, और राहुल बताते हैं कि हाँ उन्हें समोसा अच्छा लगा।