Thursday, April 15, 2021

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1984 सिख दंगा

राजीव गाँधी के आदेश पर कॉन्ग्रेसियों ने किया था 1984 का सिख नरसंहार: पूर्व DGP का खुलासा और वीडियो की सच्चाई

इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद हुए 1984 सिख नरसंहार के बारे में राजीव गाँधी ने कहा था कि जब भी कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती थोड़ी हिलती है।

जब ट्रेन की सीट के नीचे छिप गए थे सिद्धू और सभी सिख खिलाड़ी… चेतन चौहान ने दंगाई भीड़ से बचाई थी जान

पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान की ऐसी कहानी, जब उन्होंने सिख दंगों के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू समेत सिख खिलाड़ियों को दंगाइयों से बचाया था।

कॉन्ग्रेस का सन्देश है कि जो गाँधी परिवार के खिलाफ बोलेगा उसे प्रताड़ित किया जाएगा: तजिंदर बग्गा

तजिंदर बग्गा ने पूछा कि अगर सिख नरसंहार में राजीव गाँधी का हाथ नहीं होता तो इसमें शामिल लोगों को मंत्रिपद देकर क्यों नवाजा जाता?

जिनके हाथ सिखों के ख़ून से रंगे हैं, वो अमित शाह का इस्तीफा माँग रहे: जावड़ेकर का सोनिया को जवाब

जावड़ेकर ने विपक्षी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि अभी हिंसा समाप्त हो रही है, लोग जख्मी हैं और अस्पतालों में भर्ती हैं और अभी जाँच की शुरुआत हुई है। ऐसे में सभी पार्टियों का कर्तव्य होता है कि शांति स्थापित हो, सरकार पर दोषारोपण करना बहुत गन्दी राजनीति है।

1984 दंगाः सिख यात्रियों को ट्रेनों से घसीटकर मारा गया, पुलिस तमाशबीन बनी रही, SIT रिपोर्ट

SIT की रिपोर्ट में कहा गया कि ट्रेन में सफर कर रहे सिख यात्रियों की ट्रेन और रेलवे स्टेशनों पर हमला करने वाले लोगों द्वारा हत्या किए जाने के पाँच मामले थे।

‘राजीव गाँधी से तत्काल वापस लिए जाएँ भारत रत्न, 1984 में सेना बुलाई होती तो न होतीं हजारों सिखों की हत्याएँ’

सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का बयान भी इस आरोप की पुष्टि करता है कि अगर राजीव गाँधी ने कॉन्ग्रेस नेताओं के नेतृत्व में किए जा रहे दंगे को रोकने के लिए सेना को बुलाने की अपील पर ध्यान दिया होता तो 1984 के सिख नरसंहार को रोका जा सकता था।

1984 सिख दंगों के लिए नरसिम्हा राव दोषी! ‘सुप्रीम परिवार’ के लिए मनमोहन सिंह ने चल दी कॉन्ग्रेसी चाल

"दिल्ली में जब 84 के सिख दंगे हो रहे थे, गुजराल जी उस समय के गृह मंत्री नरसिम्हा राव के पास गए थे। उन्होंने राव से कहा कि स्थिति इतनी गंभीर है कि सरकार के लिए जल्द से जल्द सेना को बुलाना आवश्यक है। अगर राव गुजराल की सलाह मानकर जरूरी कार्रवाई करते तो शायद 1984 के नरसंहार से बचा जा सकता था।"

1984 सिख विरोधी दंगों पर SIT की जाँच पूरी, सीलबंद रिपोर्ट SC में: फँस सकते हैं कई कॉन्ग्रेसी नेता!

1984 में इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद सिख विरोधी दंगे भड़क गए थे। दंगों में सिख समुदाय के हज़ारों लोग मारे गए थे। कुछ वरिष्ठ राजनेताओं, जिनमें से कई कॉन्ग्रेस पार्टी से थे, उन पर हिंसा भड़काने और हमले का आरोप लगाया गया था।

10 किलो वजन कम हो गया है, जमानत दे दीजिए: सिख नरसंहार के गुनहगार सज्जन कुमार ने SC में लगाई गुहार

पिछले साल 18 दिसंबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने निचली अदालत के 2013 के फैसले काे पलटते हुए सज्जन कुमार को 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

‘रवीश कुमार के फैन’ ने दी सिखों के नरसंहार की धमकी, मोदी समर्थक महिलाओं को करता है प्रताड़ित

ख़ुद को रवीश का फैन बताने वाला अरुण पुलिस के डर से ट्विटर छोड़ कर भाग खड़ा हुआ, क्योंकि उसकी सारी करतूतें एक-एक कर के सामने आ रही थीं और लोग दिल्ली पुलिस को टैग कर के उस पर कार्रवाई की माँग कर रहे थे।

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