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जो पत्रकार है 1984 सिख दंगों का चश्मदीद, उसे ही मारने की खालिस्तानी भेज रहे धमकी: पंजाब के पूर्व MLA को आया मेल, बोले- इससे कमलनाथ को होगा फायदा

"मुझे एक ईमेल आया जिसमें सिख फॉर जस्टिस ने मुझे मारने की बात की है, मुझे इसकी परवाह नहीं है। लेकिन हैरानी की बात है कि धमकी में संजय सूरी को भी मारने की बात कही गई है, जो एक पत्रकार हैं और कमलनाथ के खिलाफ मुख्य चश्मदीद।"

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील व पंजाब के पूर्व विधायक हरविंदर सिंह फुलका (एचएस फुलका) को कथिततौर पर 1 नवंबर को खालिस्तानी आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ द्वारा धमकी दी गई। फुलका ने बताया कि उन्हें यह धमकी ईमेल पर मिली। इसमें उन्हें और पत्रकार संजय सूरी को जान से मारने की बात है।

फुलका ने कहा, “मुझे एक ईमेल आया जिसमें सिख फॉर जस्टिस ने मुझे मारने की बात की है, मुझे इसकी परवाह नहीं है। लेकिन हैरानी की बात है कि धमकी में संजय सूरी को भी मारने की बात कही गई है, जो एक पत्रकार हैं और कमलनाथ के खिलाफ मुख्य चश्मदीद।”

मालूम हो कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर 1984 सिख नरसंहार में अहम भूमिका निभाने का आरोप है और इस केस के मुख्य चश्मदीद सूरी हैं। सूरी ने रकाबगंज गुरुद्वारा को जलाने और दो सिखों की हत्या के मामले में उनके खिलाफ सबूत पेश किए थे। अब वही कमलनाथ 2023 के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद के चेहरे हैं।

फुलका ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि ‘कमलनाथ इतना ताकतवर है’ कि खालिस्तानी आतंकी संगठन केस के मुख्य चश्मदीद को मारने की धमकी देगा। उन्होंने ये भी कहा कि उनको नहीं समझ आ रहा है कि सूरी को मारने से तो कमलनाथ को फायदा देगा, और उससे सिखों को इंसाफ नहीं मिलेगा।

फुलका पत्रकार सूरी के लिए कहते हैं, “सिख तो उनके बहुत आभारी हैं। आखिर सिख ही उन्हें कैसे धमकी दे सकते हैं। ये सब तो बिलकुल कमलनाथ को फायदा पहुँचाएगा।” उन्होंने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाँच कराने को कहा है ताकि पता लग सके कि इस पत्र की प्रमाणिकता क्या है। इसके अलावा उन्होंने पीएम मोदी से ये भी अपील की कि वह यूके सरकार से संजय सूरी की सुरक्षा का ख्याल रखने को कहें क्योंकि वो इस समय वहीं पर सीएनएन के लिए काम कर रहे हैं।

बता दें कि संजय सूरी ने इस मामले में अभी कोई बयान जारी नहीं किया है। वहीं फुलका ने भी जिस ईमेल के बारे में बात की है पर उसका कोई स्क्रीनशॉट नहीं लगाया है। ऑपइंडिया इस बात की पुष्टि नहीं करता कि सिख फॉर जस्टिस द्वारा भेजे गए पत्र में क्या बातें लिखी गई हैं। ये खबर एच एस फुलका के पोस्ट पर आधारित हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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