गनीमत रही कि इस दुर्घटना के समय स्कूल में बच्चे नही थे। अन्यथा वे बड़े हादसे का शिकार हो जाते। वहाँ खड़े कई वाहन मलबे में दब गए। शिक्षा मंत्री आतिशी का इलाका।
बिल्डिंग की मरम्मत के लिए शुरुआत में 15-20 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन, बाद में इस राशि को बढ़ाते-बढ़ाते करीब 53 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए।