पद्म पुरस्कारों की सूची में बड़ी संख्या में जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों के नाम शामिल हैं। इनमें अंके गौड़ा, तेची गुबिन, कोल्लक्कयिल देवकी अम्मा, बृज लाल भट्ट, बुधरी ताती जैसे लोग हैं।
डोनाल्ड ट्रंप के लिए इस साल का नोबेल शांति पुरस्कार एक और अधूरा सपना बन गया। 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार वेनेजुएला की लोकतंत्र समर्थक मारिया कोरीना मचाडो को मिला।
स्वामी रामभद्राचार्य को 'ज्ञानपीठ पुरस्कार' क्यों? ये लेख उनके लिए नहीं है जो सवाल पूछ रहे, उन आम लोगों के लिए है जो उस गिरोह के भ्रमजाल का निशाना हैं। जिनका पढ़ने-लिखने से कोई वास्ता ही नहीं, वो क्या समझेगा कि 2 महीने की उम्र में अपने नेत्र खोने वाला शिशु कालांतर में 240 पुस्तकें और 50 शोधपत्र प्रकाशित कर देगा।