विषय: Dharm

गीता प्रेस

जिसने घर-घर तक गीता पहुँचाया, धर्म की सेवा ‘घाटे का सौदा’ नहीं की सीख दी, उनकी जयंती पर नमन🙏

बंगाली बड़ी तेज़ी से हिन्दू से ईसाई बनते जा रहे थे। कारण था - कलकत्ता ईसाई मिशनरी। यहाँ बाइबिल के अलावा ईसाईयों की अन्य किताबें (जिनमें हिन्दू धार्मिक परम्पराओं के अनादर से लेकर झूठ तक भरा होता था, ) सहज उपलब्ध थीं। तभी युवा हनुमान प्रसाद पोद्दार ने...
भारतीय कर्म-काण्ड और आस्था (प्रतीकात्मक चित्र, DNA Inda से साभार)

भारत, धर्म और कानून: ‘आधुनिक’ भारतीय मानस की औपनिवेशिक दासता

हर भारतीय उद्गम का संस्थान कटघरे में खड़ा हो जीवित रहने, अपने अस्तित्व को बचाए रखने के लिए गुहार करता, तर्क-वितर्क करने पर मजबूर दिखता है।
राम के कपड़े चाहे ऐसे रहे हों या न रहे हों, वह प्रचण्ड ऐसे ही रहे होंगे (साभार: Molee Art)

पवन वर्मा जी, टीवी सीरियल से धर्म सीखने वाले आपकी तरह मूर्खतापूर्ण बातें ही करते हैं

पवन वर्मा जैसे पढ़े-लिखों ने राम को 'कैलेंडर-आर्ट' में तब्दील किया, और फिर टीवी पर डालडा की तरह नीरस किरदार के रूप में विकृत छवि का जमकर प्रचार किया।
पंथिक प्रताड़ना से हिन्दुओं का रक्षक बनने का वादा पूरा करने का समय आ गया है

मोदी जी, एक हिन्दू को आपकी बजाय ट्रम्प से मदद की गुहार क्यों करनी पड़ रही है?

हम 'हिन्दू होमलैंड' इज़राइल की तर्ज पर बना सकते हैं, जहाँ हर नागरिक के अधिकार समान होंगे, लेकिन प्रताड़ित हिन्दुओं के लिए हिंदुस्तान 'होमलैंड' दे सकता है।

व्यक्तिगत रूप से हम हिन्दू सभ्यता को बचाए रखने के लिए आखिर क्या कर सकते हैं?

हिन्दू धर्म और प्रथाओं, परम्पराओं के प्रचार-प्रसार में शामिल लोगों को भी हमेशा सचेत रहना चाहिए कि हमारे ज्ञान और प्रणालियों को इतना धूमिल या व्यवसायीकृत न किया जाए कि उनके मूल रूप, उनकी आत्मा से छेड़-छाड़ होने लगे या वह क्षीण हो जाए।
तुंगनाथ धाम मंदिर

भगवान तुंगनाथ के दर पर पहुँचे UAE क्राउन प्रिंस के प्रतिनिधि व अरबपति कारोबारी अली राशिद, किया हवन

तुंगनाथ मंदिर पंच-केदार मंदिरों में सबसे अधिक ऊँचाई पर स्थित शिव मंदिर है। यह कई हज़ार वर्ष पुराना है। इस मंदिर की स्थापना की कहानी पांडवों से जुड़ी है और रामायण में भी इसका जिक्र मिलता है।
ध्वनि प्रदूषण के बहाने सबरीमाला की तीर्थयात्रा खत्म करने की साज़िश

असली दिक्कत ‘ध्वनि प्रदूषण’ नहीं, हिन्दू भक्त हैं: मंदिर ‘इकोसिस्टम’ ध्वस्त करने की साज़िश

'ज़िंदा कौमें पाँच साल इंतज़ार नहीं करतीं" अगर हिन्दू आत्मसात कर लें, अपना उद्धार खुद, और आज से ही, अपने जीते-जी करने की कमर कस लें तो बड़ी कृपा होगी।

आदियोगी की प्रतिमा के सामने ईसाई मिशनरी की बेहूदगी हिन्दुओं के धैर्य की परीक्षा ही है

कहाँ से आता है इतना दुस्साहस कि किसी के धार्मिक स्थल पर घुस कर उनके धर्म को नकली कहा जाए, उसका मजाक उड़ाया जाए? और कहीं से नहीं, हमारी तथाकथित ‘सेक्युलर’ व्यवस्था से ही...
भगवान बुद्ध

बुद्ध पूर्णिमा: आसान नहीं होता है सिद्धार्थ का गौतम बुद्ध हो जाना

गौतम बुद्ध के साथ जो घटित हुआ, वो इस संसार के हर इंसान के साथ घट सकता है। बस इसके लिए हमें अपने जीवन में गहराई लानी होगी। आज बुद्ध पूर्णिमा पर बुद्ध के मानवता को दिए गए महत्वपूर्ण योगदान के न सिर्फ स्मरण बल्कि उसे आत्मसात कर खुद भी उसी जागरण की दिशा में अग्रसर करने की चेतना जागृत करने का दिन है।
डॉ. भीम राव अम्बेदकर

हिंदुस्तान के उत्थान में रमता था बाबा साहब का मन, उनके नाम पर विघटन-घृणा का बीज बोना वामपंथियों की साजिश

"मैं हिंदुस्तान से प्रेम करता हूँ। मैं जियूँगा हिंदुस्तान के लिए और मरूँगा हिंदुस्तान के लिए, मेरे शरीर का प्रत्येक कण हिंदुस्तान के काम आए और मेरे जीवन का प्रत्येक क्षण हिंदुस्तान के काम आए, इसलिए मेरा जन्म हुआ है।”
भगवान राम

भक्त का भगवान हो जाना ही रामनवमी का वास्तविक संदेश है, और विजय का मंत्र भी

अगर राम को ठीक से समझ जाएँ तो भी जीवन की गुणवत्ता में आमूल परिवर्तन संभव है। बस एक सार्थक और आनंददायक जीवन जीने की इतनी ही मर्यादा है जिसके पालन की जरुरत है।
देवी

नवरात्रि: स्त्री शक्ति की सृजनशीलता; सत्व, तमस, रजस गुणों पर नियंत्रण का उत्सव

अगर स्त्री शक्ति नष्ट हो गई, तो जीवन की सभी सुंदर, सौम्य, सहज और पोषणकारी प्रवृत्तियाँ लुप्त हो जाएँगी। जीवन की अग्नि हमेशा के लिए नष्ट हो जाएगी। यह बहुत बड़ा नुकसान है, जिसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

91,179फैंसलाइक करें
15,166फॉलोवर्सफॉलो करें
97,500सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें