Friday, June 25, 2021
Home विविध विषय धर्म और संस्कृति पवन वर्मा जी, टीवी सीरियल से धर्म सीखने वाले आपकी तरह मूर्खतापूर्ण बातें ही...

पवन वर्मा जी, टीवी सीरियल से धर्म सीखने वाले आपकी तरह मूर्खतापूर्ण बातें ही करते हैं

पवन वर्मा कहते हैं कि 'जय श्री राम' के नारे में "आजकल" आक्रामकता आ गई है। तो सबसे पहले तो पवन वर्मा जी के लिए यह जान लेना जरूरी है कि यह आक्रामकता आजकल की नहीं, हज़ारों वर्षों से है- बीच में कहीं गुम हो गई थी जो वापस आई है।

मुझे नहीं पता कि जदयू नेता पवन वर्मा अपना धर्म कहाँ से सीख-पढ़ कर आए हैं, लेकिन जिस राम की बात वह आज के अपने टाइम्स ऑफ़ इंडिया वाले ब्लॉग में कर रहे हैं, वह कम-से-कम वो वाले राम तो नहीं हैं जिनके लिए हम “जय श्री राम” और ‘मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम’ का इस्तेमाल करते हैं, और जिन्हें रामायण में “नर व्याघ्र” और “नर शार्दूल“, यानि ‘मनुष्यों में बाघ’, कहा गया है। जिन श्री राम को ‘benevolent’ शब्द की आड़ में आप अपने घर के ‘रामू काका’ जैसा साबित करने की कोशिश कर रहे हैं, वह श्री राम हमारे धर्म के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर कहे गए हैं- धनुर्धर माने धनुष धारण करके युद्ध करने वाला, आक्रामक, धर्मरक्षा के लिए हिंसा करने से भी न हिचकिचाने वाला। अपनी राजनीति साधने के लिए श्री राम के चरित्र के साथ आपने खिलवाड़ ही किया है।

धर्मोचित ‘आक्रामकता’ राम और रामभक्तों का गुण है

पवन वर्मा कहते हैं कि ‘जय श्री राम’ के नारे में “आजकल” आक्रामकता आ गई है। तो सबसे पहले तो पवन वर्मा जी के लिए यह जान लेना जरूरी है कि यह आक्रामकता आजकल की नहीं, हज़ारों वर्षों से है- बीच में कहीं गुम हो गई थी जो वापस आई है। आक्रामक हो जय श्री राम का घोष करते हुए ही राम के सबसे बड़े भक्त और रुद्र के अंश हनुमान ने लंका को जला दिया था। राम जन्मभूमि पर मंदिर तोड़ कर मस्जिद बनाए जाने के बाद से ही जो भी आंदोलन या संघर्ष राम भक्तों ने मस्जिद हटा कर दोबारा मंदिर बनाने के लिए किए, वह सब भी आक्रामक रूप से ही ‘जय श्री राम’ बोलते हुए हुए हैं।

दो लाख तीन घंटे में मारे

मुझे नहीं पता पवन वर्मा ने कौन सी रामायण पढ़ रखी है, जहाँ राम को मंद-मंद दिखाया गया है। लेकिन जिस रामायण के विषय में मैं जनता हूँ, उसके अरण्यकाण्ड के 37वें सर्ग में तीसरे श्लोक में लिखा है, “रामो विग्रहवान् धर्मस्साधुस्सत्यपराक्रमः।” मेरी संस्कृत सटीक शब्दार्थ बताने लायक अच्छी तो नहीं है, लेकिन इसका भावार्थ है- राम धर्म का विग्रह हैं, सत्यशील हैं, साधु हैं और पराक्रमी हैं। पराक्रमी, पवन वर्मा जी।

मेरी जानकारी के अनुसार यदि रामायण का युद्ध कांड देखा जाए तो उसमें भी श्री राम के आक्रमण का ही वर्णन है। उसमें बताया गया है कि श्री राम गान्धर्वास्त्र का प्रयोग करते हैं, और महज़ तीन घंटे में 10,000 रथों का नाश करने के साथ 18,000 हाथियों, 14,000 घोड़ों और घुड़सवारों और 2,00,000 पैदल राक्षसों का वध महज़ तीन घंटे में कर देते हैं। पवन वर्मा के लिए इतनी आक्रामकता काफी है?

राम दयालु थे लेकिन मूर्ख नहीं

इसमें कोई शक नहीं कि राम का एक पक्ष दया और उदारता का भी था। बिलकुल था। इसीलिए मारीच को एक बार जीवित छोड़ देते हैं क्योंकि उन्हें मारीच में धर्म के कुछ बीज दिखे थे। बाद में मारीच ने सीता के हरण में हिस्सा लेने में अनिच्छा भी जताई। लेकिन जब अंत में उसने अपना राक्षसी, अधर्मी पक्ष ही हावी होने दिया तो राम ने उसे मारने में कोई संकोच नहीं किया।

पवन वर्मा इस चित्र को पहचानते हैं? इसमें राम अपने अस्त्र से समुद्र को सुखा देने के लिए उद्दत हैं, क्योंकि उनके लाख मनुहार करने के उपरांत भी समुद्र रास्ता नहीं दे रहा है।

राजा रवि वर्मा का बनाया हुआ राम-वरुण संवाद का चित्र

राम की क्षमा, उनका शील उनके लिए हैं, जो धर्म के साथ हैं। उनकी शरण में हैं। राम की दया करुणा विभीषण के लिए होती है, हनुमान और लक्ष्मण के लिए होती है। अपने शत्रुओं के लिए, अधर्मियों के प्रति उनका ‘angry god’ के रूप में चित्रण एकदम सटीक है, बिलकुल सही है।

राम-राज्य में आपका क्या होगा?

पवन वर्मा राम की बात करते हुए अपने ब्लॉग में “यहाँ तक कि गाँधी जी…” के सर्टिफिकेट का ज़िक्र करते हैं। पहली बात तो पवन वर्मा को यह पता होनी चाहिए कि मोहनदास करमचंद गाँधी बाकी जो कुछ थे या नहीं थे, कम-से-कम हिन्दुओं के लिए किसी भी तरह का मापदण्ड नहीं ही थे। अतः अगर वो रामराज्य की तारीफ़ की बजाय बुराई में भी दो-चार बातें बोल भी देते तो हिन्दुओं को कोई फर्क न पड़ता।

दूसरी बात कि जिस राम-राज्य का ज्ञान पवन वर्मा बाँच रहे हैं, उन्होंने कभी सोचा है कि उस राम-राज्य में उनकी सरकार, उनकी पार्टी का क्या हाल होता? आज लालू के जंगलराज से उनके राज में बिहार के लोगों के लिए फर्क करना मुश्किल है- राम की ससुराल मिथिला में बाढ़ तब भी वैसी ही थी, अब भी वही है; चमकी बुखार जस-का-तस है; पटना के महात्मा गाँधी सेतु पुल पर लालू-राज में भी नियम था कि सुबह-सुबह जो पुल नहीं पार कर लिया, वह पूरा दिन जाम में फँसा रहेगा, आज भी वही हाल है। राम अगर राजा होते, पवन वर्मा जी, तो आपकी पार्टी और सरकार या तो सूली पर होते या जेल में।

पढ़े-लिखे ‘रामभक्तों’ का रंग देख लिया है

पवन वर्मा ‘आक्रामक’ रामभक्तों को अनपढ़ कह रहे हैं। इससे ज्यादा ‘elitism’ हो नहीं सकता कि इंसान मान ले कि उसकी तरह ‘मि-मि’ मिमियाने वाला शैम्पेन लिबरल ही पढ़ा-लिखा हो सकता है; बाकी प्रचंड, आवेशपूर्ण और भावुक तो जाहिल और अनपढ़ ही होते हैं। लेकिन अगर ऐसा है भी, पवन वर्मा जी, तो भी ठीक है। आपके जैसे ‘पढ़े-लिखे’ का हाल देखकर तो हम रामभक्त अनपढ़ ही भले।

तथाकथित ‘अनपढ़’ लोगों ने ही राम की ‘धर्म विग्रह’ और ‘मनुष्यों में बाघ‘ की छवि को ज़िंदा रखा है। आपके जैसे पढ़े-लिखों ने तो राम को पहले अवतार से ‘कैलेंडर-आर्ट’ में तब्दील किया, और फिर टीवी पर डालडा की तरह नीरस और अशक्त टीवी किरदार के रूप में विकृत छवि का जमकर प्रचार-प्रसार किया, ताकि हिन्दुओं से एकतरफ़ा हथियार डलवाने वाली गाँधी-छाप अहिंसा को हिन्दुओं में स्वीकृति दिलाई जा सके। तो पवन वर्मा जी, टीवी कम देखिए और ज़रा कभी असली धर्म-शास्त्र पढ़ लिया करिए। राम टीवी से नहीं, शास्त्रों और योगाभ्यास से समझने की चीज़ हैं… आपको अहिंसक, गैर-आक्रामक जय श्री राम।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कुरान को UP पुलिस ने नाले में फेंका’ – TheWire ने चलाई फर्जी खबर, बाराबंकी मस्जिद विध्वंस मामले में FIR दर्ज

UP पुलिस ने बाराबंकी अवैध मस्जिद के संबंध में एक वीडियो डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से गलत सूचना का प्रचार करने को लेकर द वायर के खिलाफ...

मोगा हत्याकांड: RSS के 25 स्वयंसेवकों ने बलिदान देकर खालिस्तानी आतंकियों की तोड़ी थी ‘कमर’

25 जून की सुबह मोगा में RSS की शाखा, सामने खालिस्तानी आतंकी... बावजूद कोई भागा नहीं। ध्वज उतारने से इनकार करने पर गोलियाँ खाईं लेकिन...

दिल्ली सरकार ने ऑक्सीजन जरूरत को 4 गुना बढ़ा कर दिखाया… 12 राज्यों में इसके कारण संकट: सुप्रीम कोर्ट पैनल

सुप्रीम कोर्ट की ऑक्सीजन ऑडिट टीम ने दिल्ली के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता को चार गुना से अधिक बढ़ाने के लिए केजरीवाल सरकार को...

‘अपनी मर्जी से मंतोष सहनी के साथ गई, कोई जबरदस्ती नहीं’ – फजीलत खातून ने मधुबनी अपहरण मामले पर लगाया विराम

मधुबनी जिले के बिस्फी की फजीलत खातून के कथित अपहरण मामले में नया मोड़। फजीलत खातून ने खुद ही सामने आकर बताया कि वो मंतोष सहनी के साथ...

चित्रकूट का पर्वत जो श्री राम के वरदान से बना कामदगिरि, यहाँ विराजमान कामतानाथ करते हैं भक्तों की हर इच्छा पूरी

भगवान राम ने अपने वनवास के दौरान लगभग 11 वर्ष मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित चित्रकूट में गुजारे। चित्रकूट एक प्रमुख तीर्थ स्थल माना जाता है...

फतेहपुर के अंग्रेजी मीडियम स्कूल में हिंदू बच्चे पढ़ते थे नमाज: महिला टीचर ने खोली मौलाना उमर गौतम के धर्मांतरण गैंग की पोल

फतेहपुर के नूरुल हुदा इंग्लिश मीडियम स्कूल में मौलाना उमर के गिरोह की सक्रियता का खुलासा वहाँ की ही एक महिला टीचर ने किया है।

प्रचलित ख़बरें

‘सत्यनारायण और भागवत कथा फालतू, हिजड़ों की तरह बजाते हैं ताली’: AAP नेता का वीडियो वायरल

AAP की गुजरात इकाई के नेता गोपाल इटालिया का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वे हिन्दू परंपराओं का अपमान करते दिख रहे हैं।

फतेहपुर के अंग्रेजी मीडियम स्कूल में हिंदू बच्चे पढ़ते थे नमाज: महिला टीचर ने खोली मौलाना उमर गौतम के धर्मांतरण गैंग की पोल

फतेहपुर के नूरुल हुदा इंग्लिश मीडियम स्कूल में मौलाना उमर के गिरोह की सक्रियता का खुलासा वहाँ की ही एक महिला टीचर ने किया है।

TMC के गुंडों ने किया गैंगरेप, कहा- तेरी काली माँ न*गी है, तुझे भी न*गा करेंगे, चाकू से स्तन पर हमला: पीड़ित महिलाओं की...

"उस्मान ने मेरा रेप किया। मैं उससे दया की भीख माँगती रही कि मैं तुम्हारी माँ जैसी हूँ मेरे साथ ऐसा मत करो, लेकिन मेरी चीख-पुकार उसके बहरे कानों तक नहीं पहुँची। वह मेरा बलात्कार करता रहा। उस दिन एक मुस्लिम गुंडे ने एक हिंदू महिला का सम्मान लूट लिया।"

‘अपनी मर्जी से मंतोष सहनी के साथ गई, कोई जबरदस्ती नहीं’ – फजीलत खातून ने मधुबनी अपहरण मामले पर लगाया विराम

मधुबनी जिले के बिस्फी की फजीलत खातून के कथित अपहरण मामले में नया मोड़। फजीलत खातून ने खुद ही सामने आकर बताया कि वो मंतोष सहनी के साथ...

‘हरा$ज*, हरा%$, चू$%’: ‘कुत्ते’ के प्रेम में मेनका गाँधी ने पशु चिकित्सक को दी गालियाँ, ऑडियो वायरल

गाँधी ने कहा, “तुम्हारा बाप क्या करता है? कोई माली है चौकीदार है क्या हैं?” डॉक्टर बताते भी हैं कि उनके पिता एक टीचर हैं। इस पर वो पूछती हैं कि तुम इस धंधे में क्यों आए पैसे कमाने के लिए।

‘हर चोर का मोदी सरनेम क्यों’: सूरत की कोर्ट में पेश हुए राहुल गाँधी, कहा- कटाक्ष किया था, अब याद नहीं

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी सूरत की एक अदालत में पेश हुए। मामला 'सारे मोदी चोर' वाले बयान पर दर्ज आपराधिक मानहानि के मामले से जुड़ा है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
105,818FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe