लोकतंत्र में संख्या बल ही किसी भी भाषाई समूह की माँगों को मजबूती देता है। बहुभाषी भारत में यह जनगणना तय करती है कि आने वाले समय में सरकारी संसाधन और प्रशासनिक विकास किस दिशा में आगे बढ़ेंगे।
14 सितंबर 1949 को हिंदी को भारत की राजभाषा बनाने की स्वीकृति दी गई। संविधान निर्माताओं ने तय किया कि अनुच्छेद 343 के तहत देवनागरी में लिखी गई हिंदी भाषा, भारत की राजभाषा होगी।